प्रेग्नेंसी के दौरान प्रेग्नेंट विमेंस के सामने कई फिजिकल व मेन्टल चुनौतियां आती हैं, इनका सावधानी पूर्वक व डटकर मुकाबला करने से न सिर्फ महिला बल्कि पेट में पल रहा बेबी भी हेअल्थी रहता है। यही वजह है कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिला का ध्यान रखना व सावधानी बरतना काफी जरूरी है। पर यह सावधानी सिर्फ खान-पान को लेकर ही नहीं बरतनी होती, बल्कि बच्चे को हेअल्थी व फिट रखने के लिए उसे फिजिकल एक्टिविटीज के दौरान भी एक्स्ट्रा केयर करना पड़ता है। मसलन उसे उठने, बैठने व सोने के दौरान भी कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। प्रेगनेंसी में बॉडी मूवमेंट

प्रेग्नेंसी के दौरान उठने का सही तरीका

अचानक उठना नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए कुछ सावधानियाँ हैं जिनका ध्यान हर एक प्रेग्नेंट विमेंस को ध्यान रखना चाहिए।

  1. जब भी बेड से उठें, तो आपको सबसे पहले बाईं ओर करवट लेना चाहिए। इसके बाद धीरे-धीरे से अपने घुटने को बेड के किनारे पर लाएं।
     
  2. आपको उठने से पहले 2-3 मिनट बैठना चाहिए और इस दौरान गहरी सांस लेकर हाथों का सहारा लेते हुए धीरे-धीरे उठें।
     
  3. कभी भी जल्दी व झटके से उठने से परहेज करें, यह काफी नुकसानदायक हो सकता है।
     
  4. अगर उठने में किसी तरह की परेशानी होती है, तो आप बेड के  किनारे या घर के किसी सदस्य का सहारा लेकर उठें।
     

गर्भावस्था के दौरान बैठने का सही तरीका

 प्रेग्नेंसी में जितनी सावधानी उठने के दौरान बरतनी चाहिए, उतना ही केयर बैठने के दौरान भी करना चाहिए। अब बात बैठने के सही तरीकों पर।

  1. बैठने के दौरान इस बात का ध्यान रखें कि आपके दोनों पैर जमीन से सटे हों और आराम से हों। एक पैर के ऊपर दूसरे पैर को रखकर न बैठें।
     
  2. बैठते वक्त इस बात का भी ध्यान रखें कि शरीर का वजन आपके पेट पर न पड़े। आप किसी चीज का सहारा लेकर धीरे-धीरे बैठ सकती हैं।
     
  3. आप सोफा, बेड या कुर्सी कहीं भी बैठती हैं, तो इस बात का ध्यान रखें कि आपकी पीठ एकदम सीधी हो। पीठ सीधी रखने के लिए आप तकिये व कुशन का इस्तेमाल कर सकती हैं।
     
  4. अगर कामकाजी हैं और गर्भावस्था के दौरान ऑफिस जाना पड़ रहा है, तो वहां बैठने के लिए अच्छी कुर्सी का चयन करें। कुर्सी को बार-बार जरूरत पड़ने वाली चीजों या फाइलों के पास ही रखें, ताकि आपको बार-बार न उठना पड़े। कुर्सी पर बैठने के दौरान कंधे को रिलेक्स रखें और अपने हाथों को चेयर के आर्म रेस्ट पर रखें।

प्रेग्नेंसी के दौरान सोने का सही तरीका

पर्याप्त नींद सभी के लिए जरूरी है।प्रेग्नेंट विमेंस के लिए यह इसलिए ज्यादा जरूरी हो जाता है क्योंकि फिजिकल कॉम्प्लीकेशन्स का वजह से उसमें अधिक थकान रहती है। पर अच्छी नींद के लिए सोने का तरीका भी बेहतर होना जरूरी है, ताकि बच्चे को भी नुकसान न हो। जानते हैं सोने का सही तरीका।

  1. अगर आप प्रेग्नेंसी के शुरुआती महीनों में हैं तो आपके लिए सीधे होकर सोना फायदेमंद होगा। दरअसल इससे फ़ीटस का विकास अच्छी तरह से होता है। पर दूसरे या तीसरे महीने के बाद सीधे सोने से परहेज करें।
     
  2. चाहे आप गर्भावस्था के पहले महीने में हों या बीच में, इस बात का ध्यान रखें कि पेट के बल सोना नुकसानदायक हो सकता है। इससे बच्चे के विकास पर असर पड़ता है और उसका स्वास्थ्य भी खराब होता है।
  3. अगर आप प्रेग्नेंसी के शुरुआती महीनों में हैं तो आपके लिए सीधे होकर सोना फायदेमंद होगा। दरअसल इससे फ़ीटस का विकास अच्छी तरह से होता है। पर दूसरे या तीसरे महीने के बाद सीधे सोने से परहेज करें।
     

प्रेग्नेंसी में महिलाओं में शारीरिक बदलाव आते हैं, जैसे जल्दी थकान, शरीर व वजन का बढ़ना, पेट निकलना, हार्मोन में परिवर्तन आदि। ऐसे में उनके सोने, उठने व बैठने पर खास ध्यान देना पड़ता है, क्योंकि जरा सी लापरवाही से बेबी के वजन व विकास पर बुरा असर पड़ सकता है। प्रेगनेंसी में बॉडी मूवमेंट

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