यह किसी महिला के जीवन में उसका सम्मान बढाने वाला पल होता है। वह पल जिसका सभी लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं। पर जब हम सभी के लाड़-प्यार और गर्भधारण की खुशी में डूबे होते हैं तो कभी-कभी हमारे प्रिय लोंगो की बहुत सी बेकार की चिंता, शक, मनगढ़ंत बातें, और गर्भावस्था में हमें करने या न करने वाली बातों की सलाह की वजह से हमारी यह खुशी टूट जाती है। प्रेगनेंसी से जुड़ी गलतफहमी

सभी लोग बस यही बात कर रहे होते हैं कि ‘हम क्या पहनें, क्या खायें, कहाँ जायें, कहाँ न जायें, ये करें-ये नहीं और जाने क्या-क्या, और उनकी ये बातें कई बार गर्भवती स्त्री को परेशान कर देती हैं |कि उसे क्या करना चाहिये और क्या नहीं।पर क्या आप इस तरह का तनाव उन नौ महिनों के समय चाहते हैं, बिल्कुल नहीं। प्रेगनेंसी से जुड़ी गलतफहमी

1. केसर वाली या वनीला आईसक्रीम खाने ने आपके बच्चे का रंग गोरा होगा

किसी भी तरह के खाने से बच्चे के रंग-रूप पर असर नहीं पड़ता। बच्चे की रंग-रंगत पर पूरी तरह से उसकी एक पीढ़ी से अगली पीढ़ी में आने वाले गुणों की छाप होती है।

2.बहुत सारा दूध पीना चाहिये

दो गिलास दूध आपको कैल्शियम की भरपूर खुराक देने के लिये काफी है। बजाय इसके कि आप केवल दूध के भरोसे रहें, यह बहुत अच्छा है कि आप दूध से बनी हुई दूसरी चीजें खायें जैसे चीज् और घर में बना हुआ पनीर। इससे आपके शरीर में कई तरह की पोषक चीजें जायेंगी और एक जैसा खाना खाकर आप ऊबेंगी भी नहीं। याद रहे कि दूध की वजह से कभी-कभी आपके पेट में गैस या कोई और तकलीफ हो सकती है तो इस पर ध्यान दें और दूध की अपनी रोजमर्रा खुराक ठीक रखें।

 3.शारिरिक सम्बंध बनाने से गर्भ गिर सकता है।

uterus की मजबूत मांसपेशी और एमनिओेटिक खोल (Muscle and amniotic shell ) आपके बच्चे की रक्षा करती हैं | इसलिये शारिरिक सम्बंध (sex ) से गर्भपात ( miscarriage ) होना शायद नामुमकिन है। हालांकि कुछ पेचीदा मामले जैस गर्भनाल के नीचे होन पर आपकी डाक्टर शारिरिक सम्बंध बनाने के लिये मना कर सकती हैं। साथ ही संक्रमण से बचने और किसी चिकानाई वाली क्रीम के इस्तेमाल की सलाह दे सकती हैं। इसलिये यह जरूरी है आप पति के साथ डाक्टर से इस बारे में बात करें क्योंकि उन्हे ही आपके इलाज और शरीर की हालत की ठीक जानकारी होती है|

4.पेट का आकार और सुबह की सुस्ती शिशु का लड़की या लड़का होना तय करती है।

पैदा होने वाला बच्चे लड़का या लड़की है इसका पता केवल अल्ट्रासाउण्ड से ही लग सकता है |इसके अलावा यह पता करने का और कोई तरीका नहीं है। सुबह की सुस्ती, पेट का आकार, पेट के अन्दर बच्चे की पैर की ठोकरें, या प्रेगनेंसी के समय माँ का रंगरूप और पीलापन आदि से बच्चे के लड़का या लड़की होने का बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।


5.चाय, काॅफी, शराब और सिगरेट पीने से बचें

यह बिल्कुल सही है कि , सिगरेट पीने से आपके पेट में पलने वाले बच्चे तक सेहतमंद खून का जाना रूक जाता है और ऐसा होने से उसे नुकसान पंहुचाता है| लेकिन चाय और काॅफी कभी-कभार लिया जाये तो चलेगा और अगर आप अपने काॅफी के कप को नहीं छोड़ सकते तो इसे बिना कैफीन के लें। इसी तरह थोड़ी-मोड़ी शराब भी कभी-कभार पी जा सकती है। प्रेगनेंसी से जुड़ी गलतफहमी

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