देश भर में बढ़ रहे रेप के मामले, राजस्थान में दरिंदगी की हदें पार

देश भर में बढ़ रहे रेप के मामले, राजस्थान में दरिंदगी की हदें पार देश भर में बढ़ रहे रेप के मामले, राजस्थान में दरिंदगी की हदें पार

SheThePeople Team

15 Sep 2021


राजस्थान में सबसे ज्यादा रेप के मामले दर्ज: हाल ही में, नेशनल क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो के आंकड़ें पेश किये गए हैं, जिसमें भारत के राजस्थान में करीब एक साल में 5310 दुष्कर्म के मामले दर्ज किये गए। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, राजस्थान रेप के मामलों में सबसे ऊपर है। भारत के कई राज्य जिनमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भी सबसे अधिक संख्या में रेप के मामलें दर्ज किये गए हैं। 

राजस्थान में सबसे ज्यादा रेप के मामले दर्ज

राजस्थान में महिलाओं को लेकर अपराध के मामलों में हुई अचानक बढ़ोत्तरी से सरकार की चिंता बढ़ गयी है। बता दें कि एनसीआरबी की रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजस्थान में करीब 5310 रेप के मामलें दर्ज हुए। ये खबर राजस्थान के चिंताजनक तो है ही साथ ही वह के प्रशासन और पुलिस व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाली भी है।

एक अनुमान के मुताबिक, पहले राजस्थान का रिकॉर्ड महिलाओं के प्रति किसी अपराध में काफी पीछे था। लेकिन इस बार की रिपोर्ट से ये पता चलता हैं कि राज्य में अपराध के मामलें 16 प्रतिशत बढ़ गए हैं।

बाकि राज्यों का कैसा रहा रिकॉर्ड

इससे पहले महिलाओं के खिलाफ कुल अपराधों के मामले में उत्तर प्रदेश में सबसे खराब आंकड़े थे, जिनमें 49,835 ऐसे मामले दर्ज किए गए थे। लेकिन बीते साल उत्तर प्रदेश में कुल 2769 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए। 2,339 के साथ मध्य प्रदेश और 2,061 बलात्कार के मामलों के साथ महाराष्ट्र ऐसे मामलों की तीसरी और चौथी सबसे बड़ी संख्या बनी है।

पिछले साल की तुलना में इस बार जम्मू-कश्मीर में भी अपराध के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 29,314 अपराध मामले देखे, जबकि 2019 -20 में केवल 25,408 मामले ही थे। अकेले लद्दाख ने 403 दुष्कर्म के मामले दर्ज किए गए।

न सिर्फ राज्य सरकार बल्कि भारत सरकार के लिए भी ये चिंताजनक बात हैं कि अलग-अलग राज्यों में अपराध और सबसे ज्यादा दुष्कर्म के मामलें तेज़ी से बढ़ रहें हैं, ऐसे में महिलाओं की सुरक्षा पर एक बहुत बड़ा प्रश्न-चिन्ह है। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं के खिलाफ अपराध 2019 में 3,069 मामलों से लगभग 11 प्रतिशत बढ़कर 2020 में 3,414 हो गए। सरकार को जल्द से जल्द इन अपराधों को रोकने का प्रयास करना चाहिए।

 

 





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