रिलेशनशिप के मायने हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकते हैं लेकिन रिलेशनशिप के आईडिया को लेकर काफ़ी गलतफेहमीयाँ भी प्रचलित हैं और ये बेहद कॉमन हैं। इन गलतफहमियों से बच के रहना सभी के लिए ज़रूरी है वरना आप अपने साथी से अनरियलिस्टिक उम्मीदें कर सकते हैं जिससे आपका रिलेशनशिप अनहेल्दी हो सकता है। इसके लिए आपको जानना होगा कि आखिर रिलेशनशिप से जुड़ी कुछ फ़ेमस गलतफ़ेहमियाँ क्या हैं। relationship se jude myths.

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जानिए रिलेशनशिप से जुड़ी गलतफ़हमियाँ क्या हैं –

1. प्यार काफ़ी है

अकसर लोग ये कहते हैं कि रिलेशनशिप में केवल प्यार की ज़रूरत होती है लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है। प्यार कितना भी हो, एक रिलेशनशिप को चलाने के लिए हार्ड वर्क करना पड़ता है वरना समय के साथ पैशन खत्म होने लगता है। जब भी एक दूसरे को खुश रखने, एक दूसरे की भावनायें समझने और रिलेशनशिप की ज़रूरतें पूरी करने का काम साइडलाइन किया जाता है, तब रिलेशनशिप से प्यार भी फ़ेड होने लगता है इसलिए प्यार काफ़ी नहीं है। केवल प्यार के दम पर रिलेशनशिप सर्वाइव नहीं कर पाता।

2. बच्चे होने से रिलेशनशिप मज़बूत होता है

जब भी शादी के बाद दो लोगों के बीच समस्याएं शुरू होती हैं, घरवाले सलाह देते हैं कि बच्चा कर लो, सब सही हो जाएगा। लेकिन असल में ये उपाय काम नहीं करता। एक बिखरते रिश्ते को सँवारने के लिए आपसी समझ डेवलप करनी पड़ती है। यदि दो लोगों को जोड़ने के लिए किसी तीसरे की ज़रूरत पड़े तो उस रिश्ते का क्या मतलब? ऐसे तो कपल्स केवल माँ-बाप बन कर रह जाएँगे, उनके बीच पति-पत्नी का रिश्ता तो रहेगा ही नहीं। ऊपर से बिना किसी प्लानिंग के सिर्फ अपनी शादी बचाने के लिए बच्चा पैदा करना और प्रॉब्लम्स खड़ी कर देगा। ये सोच बिल्कुल गलत है।

3. पार्टनर्स बिना कहे एक दूसरे की फीलिंग्स समझ लेते हैं

हाँ ये सच है कि प्यार और लम्बे समय का साथ आपसी समझ मज़बूत करता है, पार्टनर्स एक दूसरे को जानने लगते हैं लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि आप अपने पार्टनर को भगवान समझ बैठें। कोई इंसान आपके चेहरे पर परेशानी तो देख सकता है पर आपकी मन की बातें नहीं पढ़ सकता। आपको अपने इमोशन्स बयाँ करने होंगे। कभी भी अपने पार्टनर और रिलेशनशिप को इस बेसिस पर जज मत करिए कि वो आपकी आँखें पढ़ नहीं पाते। “चाहे तुम कुछ ना कहो मैंने सुन लिया”, जैसी चीज़ें सिर्फ़ बॉलीवुड में होती हैं, इन्हें वास्तविक जीवन से मत जोड़िये।

4. सच्चे प्यार में लड़ाइयाँ नहीं होतीं

किसी भी रिश्ते में उतार-चढ़ाव आना स्वभाविक है। आप अपने साथी से कितना भी प्यार क्यों ना करते हों, आपके विचारों का टकराना पूरी तरह सम्भव है। कई बार आपकी सोच मेल नहीं खाएगी और झगड़े होंगे। छोटी मोटी बहसें, लड़ाइयाँ एक हेल्दी रिलेशनशिप का पार्ट हैं। आपके बीच कभी न कभी मिस-अंडरस्टैंडिंग्स होंगी ही। सच्चा प्यार आपको झगड़े सुलझाना सिखाता है, झगड़े खत्म करना नहीं।

5. रिलेशनशिप में कंसेट की ज़रूरत नहीं होती

ये मान लिया जाता है कि रिलेशनशिप इंसान को पार्टनर के ऊपर अनलिमिटेड राइट्स एक्सरसाइज़ करने का हक देता है इसलिए अकसर लोग अपने पार्टनर की कंसेट पूछना ज़रूरी नहीं समझते। ये विचार बिल्कुल गलत है। रिलेशनशिप आपके पार्टनर को आपकी प्रॉपर्टी नहीं बनाता। किसी भी चीज़ के लिए आप दोनों की मर्ज़ी बेहद ज़रूरी है। किसी एक को सामनेवाले के हिस्से के फै़सले लेने का अधिकार नहीं है।

ये थीं relationship se jude myths।

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