आजकल जैसे -जैसे कोरोनावायरस के बढ़ते केसों का शोर है वैसे ही लोगों के अंदर डर भी बढ़ता जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार कोरोनावायरस ने सिर्फ लोगों की फिजिकल हेल्थ को इफ़ेक्ट नहीं किया है बल्कि इसके डर और तबाही के कारण लोगों की मेन्टल हेल्थ भी काफी इफ़ेक्ट हुई है। हर किसी में कोरोनावायरस के दौरान एंग्जायटी और स्ट्रेस का माहौल है। हर तरफ उदासी छायी है।  हर जगह दुःख, दर्द, तकलीफ और बेबसी का माहौल है। आज हम बात करेंगे की इस कोरोनावायरस के दौरान में हम कैसे अपनी एंग्जायटी को कण्ट्रोल कर सकते हैं। आज हम वेल-नॉन साइकोलॉजिस्ट विद्या नायर से जानेंगे कुछ तरीके जिससे हम इस डर के माहौल में एंग्जायटी को कण्ट्रोल कर सकते हैं।

डॉक्टर नायर का कहना है की इस मुश्किल समय में एंग्जायटी होना बिलकुल आम बात है। यह पूरी तरह से नेचुरल और नार्मल है। अब इस मुश्किल समय में इसे कण्ट्रोल कैसे करना है इससे पहले जानते हैं की एंग्जायटी होती क्या है।

क्या है एंग्जायटी ?

एंग्जायटी एक नेचुरल प्रोग्राम है हमारी बॉडी में जो स्ट्रेस्फुल या दंजारोउस सिचुएशन में हमारी बॉडी में होता है। एंग्जायटी हमारी सेंस ऑफ़ सिक्योरिटी या सेंस ऑफ़ सेफ्टी को ट्रिगर करती है। यह हम सबको होती है इसलिए यह बिलकुल नेचुरल और वैलिड है। डॉ नाइक यह भी कहती हैं की हम इस एंग्जायटी से छुटकारा पा सकते हैं एक हेअल्थी मेकनिज़्म को फॉलो करके। आइये जानते हैं कुछ टेक्निक्स जिनसे हम एंग्जायटी कण्ट्रोल कर सकते हैं।

ब्रीथिंग टेक्नीकस

ब्रीथिंग टेक्नीकस आपके नर्वस सिस्टम को कॉम डाउन करती हैं। यह बहुत एफिशिएंट होती हैं। दो तरह की ब्रीथिंग टेक्निक्स होती हैं। पहली बॉक्स ब्रीथिंग और दूसरी डाइएफ्रैग्मैटिक ब्रीथिंग। डीएफग्रामाटिक ब्रीथिंग में 4 सेकंड के लिए सांस लें फिर रोकें और फिर 8 सेकंड तक सांस छोड़। इसे बेल्ली ब्रीथिंग भी कहा जाता है। और दूसरा ब्रीथिंग प्रोसेस है बॉक्स ब्रीथिंग जिसमें 4 सेकंड के लिए सांस लेना है फिर 4 सेकंड के लिए होल्ड करना है और फिर 4 सेकंड के लिए ही छोड़ना है।

एक्सेरसाइज

अपने मंद और बॉडी को कॉम करने के लिए एक्सेरसाइज करें। जब आपको एंग्जायटी होती है तब आपकी मसल्स टेंस हो जाती हैं और इससे आपकी बॉडी में भी टेंशन बढ़ जाती है।  फिजिकल एक्सेरसाइज से हमारी बॉडी का सारा टेंशन रिलीज़ होता है और हमें बहुत से और फायदे भी होते हैं।

मैडिटेशन

मैडिटेशन आपको प्रेजेंट में रहने में मदद करता है। आपने यह ऑब्सेर्वे किया होगा की जब भी आप अन्शियस होते हैं तब आप प्रेजेंट में नहीं होते। आप अपने पास्ट या फ्यूचर के बारे में सोच रहे होते हैं। मैडिटेशन आपको कॉम डाउन करता है और प्रेजेंट में जीने के लिए हेल्प करती है।

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