अपने आसपास अक्सर खुद को और कई और लोगों को उनकी क्षमताओं से कमतर आंकते हैं जबकि उन लोगों की क्षमताएं उससे कहीं ज्यादा होती है। अक्सर लोगों को कम आँका जाता है पर उन्हें इस बात का अंदाजा ही नहीं होता कि उन्हें गैसलाइट किया जा रहा है। तो आइए जानते हैं क्या होता है यह गैसलाइटिंग और इसे कैसे रोका जा सकता है  ?

GasLighting क्या होता है  ?

जब भी आप किसी भी इंसान की असलियत को नामंजूर करते हैं और उन्हें बताते हैं कि वे जो महसूस कर रहे हैं वह गलत है। इस प्रक्रिया को गैसलाइटिंग कहते हैं।

अक्सर गैसलाइटिंग में लोगों के सामने उनके अस्तित्व और असलियत पर सवाल खड़े कर दिए जाते हैं।

गैसलाइटिंग कौन करते हैं  ?

अक्सर लोग अनजाने में ही अपने पार्टनर को गैसलाइट कर देते हैं।अब चाहे यह किसी दोस्ती, रिलेशनशिप या फिर परिवार के सदस्य में ही क्यों ना हो।

हालांकि गैसलाइटिंग किसी जेंडर पर निर्भर नहीं करती पर फिर भी अक्सर औरतों को ही इससे गुजरना पड़ता है। महिलाओं को क्रेज़ी, जलन करने वाले, कमजोर या फिर ज्यादा इमोशनल कहकर गैसलाइट किया जाता है।

गैसलाइट कोई भी किसी को भी कर सकता है। अक्सर हम खुद भी अपने आप को गैसलाइट कर सकते हैं और अपनी असल क्षमताओं को कमतर आंकते हैं।

गैसलाइटिंग कैसे दिखती है या कैसे महसूस होती है ?

  • झूठ बोलना,
  • कही हुई बात से मुकरना,
  • दूसरों पर इल्जाम डालना,
  • अपने इमोशंस को कम करना और खुद को ज्यादा सेल सकतेसकते या भावुक कहना।

गैसलाइटिंग से बचने के लिए आप क्या कर सकते हैं  ?

  • आप खुद को प्रायोरिटी दें
  • दूसरों के एक्शन्स के लिए खुद पर ज़िम्मेदारी ना लें
  • अपनी बात पर टिके रहें,
  • दूसरों के लिए खुद को सैक्रिफाइस ना करें,
  • याद रहे कि आप अकेले नहीं हैं।

हम अक्सर लोगों को खुद भी गैसलाइट कर देते हैं और कई लोग हमें भी ऐसा महसूस करा देते हैं इसलिए कोशिश करें कि आप अपनी सच्चाई पर अड़े रहें और ऐसा किसी के साथ करने से खुद को रोकें।

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