वेजाइनल इंफेक्शन एक तरह का फंगल इंफेक्शन है जो वेजाइना में कैंडिडा एल्बिकांस(candida albicans) नामक फंगस और बैक्टीरिया हो जाने के कारण होता है। इसे कई बार यीस्ट या खमीर संक्रमण भी कहां जाता है। ज्यादातर महिलाओं को इस इंफेक्शन का सामना करना पड़ता है। इस दौरान वेजाइना में बहुत ज्यादा खुजली होने लगती है और साथ ही इसे से ग्रे कलर का डिस्चार्ज भी होता है। इसके अलावा डिस्चार्ज होने वक्त एक अजीब से बदबू भी आती है। यह अक्सर 20 से 40 वर्ष की महिलाओं को होता हैं और इसे अगर सीरियस ना लिया जाएं तो यह बढ़ भी सकती है।

वेजाइनल इंफेक्शन होने के लक्षण

• वेजाइना में खुजली होना

• यूरिन पास करते वक्त जलन या दर्द‌ होना

• वेजाइना से पिला या ग्रे कलर का डिस्चार्ज होना हैं

• इंटरकोर्स के वक्त दर्द होना

• वेजाइना से ब्लीडिंग होना या सूजन हो जाना

• डिस्चार्ज होते वक्त बदबू करना

वेजाइनल इंफेक्शन के कारण

• मेहक वाली साबुन या वेजाइना स्प्रे का इस्तेमाल करने से होता हैं।

• बैक्टीरिया या फंगस में बढ़ोतरी हो जाने से भी यह इंफेक्शन होता है। जिसके कारण डिस्चार्ज के वक्त बदबू भी आती है।

• Chlamydia या Gonorrhea इंफेक्शन जो सेक्स के कारण फैलती हैं।

• ज्यादा एंटीबायोटिक लेने या एस्ट्रोजन लेवल में बढ़ोतरी होने के कारण भी होता है।

वेजाइनल इंफेक्शन के उपाय

•वेजाइना को साफ सफाई से रखें। साफ सफाई ना रखने के कारण भी इंफेक्शन होता है।

•दूसरों के कपड़े या सेनेटरी आइटम का इस्तेमाल ना करें।

•वेजाइना को बार-बार धोने से वहां ड्राइनेस हो जाती है इसीलिए बार-बार धोने से बचें।

•ग्रीक योगर्ट का इस्तेमाल करें। इसमें बैक्टीरिया होते हैं जो वेजाइना में स्वस्थ वातावरण बनाते हैं और बैक्टीरिया की बढ़ोतरी होने से भी रोकता हैं।

•कोकोनट ऑयल या ट्री टी ऑयल दोनों को अफेक्टेड एरिया(affected area)में लगाने से वेजाइनल इंफेक्शन से राहत मिलती है। यह बैक्टीरिया, यीस्ट और फंगस को मारने में भी मदद करती हैं।

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