नेशनल अवार्ड विनिंग फिल्म मेकर सुमित्रा भावे का सोमवार 19 अप्रैल को 78 वर्ष की आयु में निधन हो गया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, राइटर-डायरेक्टर एज रिलेटेड इश्यूज का सामना कर रही थी। पुणे के एक प्राइवेट हॉस्पिरल में उनकी  मृत्यु हो गई जहाँ वह कुछ समय तक ऑब्जरवेशन में रही।

भावे सालों से मराठी सिनेमा का चेहरा बदलने के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने फिल्म निर्माता सुनील सुथांकर के साथ कई हिट फिल्में दीं, जिन्होंने कई अवार्ड्स हासिल किए।

इस फिल्म निर्माता की जोड़ी ने कई लोकप्रिय फ़िल्मों का डायरेक्शन किया है, जैसे वास्तुपुरुष, दहवी फ़े, दोगी, दवराई, एक चुप प्यार, बादा, अस्तू, संहिता, कसाव और कई अन्य। इन वर्षों में, उन्हें सर्वश्रेष्ठ शैक्षिक / प्रेरक / निर्देशात्मक फिल्म, परिवार कल्याण पर सर्वश्रेष्ठ नॉन-फीचर फिल्म, सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म, अन्य सामाजिक मुद्दों पर सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिए नेशनल अवार्ड्स से सम्मानित किया गया।

उन्होंने अपनी फिल्म कसाव के लिए सुथंकर के साथ नेशनल अवार्ड भी जीता और उन्हें उम्मीद थी कि यह पुरस्कार सामान्य रूप से डिप्रेशन  और मेन्टल हेल्थ के मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करने में मदद करेगा जो फिल्म का विषय था। सुथांकर ने कहा कि यह पुरस्कार साबित करता है कि एक अच्छी थीम पर मराठी में बनी फिल्म धूप में अपनी सही जगह पा सकेगी। यह जोड़ी अपनी फिल्म के लिए पुरस्कार प्राप्त करने के बाद अपनी अगली रिलीज के लिए भी उत्साहित थी।

भावे ने न्यूयॉर्क फिल्म फेस्टिवल में अपनी फिल्म अस्तु के लिए बेस्ट फिल्म का पुरस्कार भी जीता। निर्देशक ने अनुशासन के लिए अपनी आवाज़ दी जिसे चैतन्य तम्हाने ने डायरेक्ट किया है। फिल्म जल्द ही नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीमिंग के लिए तैयार है।

मराठी फिल्म इंडस्ट्री की कई हस्तियां सोशल मीडिया पर दिवंगत निर्देशक को श्रद्धांजलि दे रही हैं। अभिनेत्री नीना कुलकर्णी ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया और उनके निधन पर एक लंबा नोट लिखते हुए शोक व्यक्त किया। मराठी में लिखे उनके नोट में कहा गया है कि उन्हें भावे के साथ काम करने और उनकी सिनेमाई दृष्टि का अनुभव करने का अवसर मिला।

लेट राइटर -डायरेक्टर को श्रद्धांजलि देते हुए, उन्होंने कहा कि नेशनल अवार्ड राइटर एक सरल दिमाग की व्यक्ति थी और सोच में उच्च थी ।

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