हम अक्सर जब भी एक गाइनेकोलॉजिस्ट का नाम सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में कुछ डरावने इंस्ट्रूमेंट लिए एक औरत ही आती है। गाइनेकोलॉजिस्ट कौन होता है? एक गाइनेकोलॉजिस्ट महिलाओं के रीप्रोडक्टिव सिस्टम का स्पेशलिस्ट होता है। वल्वा, एक्सटर्नल जेनिटेलिया, वजाइना, ओवरीज, पीरियड्स आदि से जुड़ी समस्याओं का हल इन्हीं के पास है। गाइनेकोलॉजिस्ट से मिलें

आपने ऑब्सटेट्रिशियन के बारे में भी सुना होगा। एक ऑब्सटेट्रिशियन प्रेगनेंसी स्पेशलिस्ट होता है, कोई ऐसा जो प्रेगनेंसी, मैटरनिटी और चाइल्ड बर्थ इन सब की जानकारी रखता है।

एक गाइनेकोलॉजिस्ट से मिलने की सही उम्र क्या है? आईडियली, 14 से 17 साल की उम्र के बीच हर लड़की को गाइनेकोलॉजिस्ट से मिलना ही चाहिए। इसलिए नहीं कि आपको कोई दिक्कत या परेशानी है। लेकिन अपने रीप्रोडक्टिव सिस्टम के बारे में कुछ जरूरी बातें जानने के लिए, वह कैसे काम करता है या उसका कैसे ख्याल रखना चाहिए, ये सारी बातें जानने के लिए।

प्रेगनेंसी के अलावा ऐसे कौन से लक्षण हैं, जिन्हें देखकर आपको एक गाइनेकोलॉजिस्ट के पास जाना चाहिए?

1) प्राइवेट पार्ट में से अजीब-सी बदबू गाइनेकोलॉजिस्ट से मिलें

दिन के अंत में थोड़ी-सी स्मैल के साथ नॉर्मल डिस्चार्ज ठीक है, लेकिन अगर आपको बहुत तेज पंजेंट स्मैल या दुर्गंध या किसी प्रकार की मछली की गंध या गंदी बदबू आती है या यहां तक ​​​​कि अगर हर बार जब आप अपनी पैंटी उतारती हैं, तो यूरीन जैसी गंध आती है, तो यह वजाइनल इंफेक्शन का संकेत हो सकता है। यह विशेष रूप से सच है यदि आप सेक्शुअली एक्टिव हैं।

2) वजाइना से ऐबनॉर्मल डिस्चार्ज

ऐबनॉर्मल डिस्चार्ज क्या है? पहले आप नॉर्मल डिस्चार्ज का पैटर्न समझिए। आमतौर पर आपके पीरियड्स खत्म होने के 2 से 3 दिन बाद कोई डिस्चार्ज नहीं होता है। फिर थोड़ा हल्का डिस्चार्ज आपकी अंडरवियर में एक गांठ की तरह बनाने लगेगा। धीरे-धीरे मिड साइकिल के समय, डिस्चार्ज थोड़ा पानी जैसा हो जाता है। यह एग वाइट की तरह थोड़ा खिंचाव और बहने वाला हो जाता है। यह आपके ओवुलेशन का समय है। बाद में, यह मात्रा में कम हो जाता है और जब तक आपके अगले पीरियड्स नहीं आ जाते, ये एक नॉर्मल वाइट डिस्चार्ज जैसा रहता है।

यह नॉर्मल वेजाइनल डिस्चार्ज का पैटर्न है। इसके अलावा किसी भी तरह का पैटर्न आपको नजर आता है, तो वह ऐबनॉर्मल डिस्चार्ज है।

3) प्राइवेट पार्ट में खुजली या जलन

यदि आपको प्राइवेट पार्ट में खुजली या जलन हो रही है या फिर यूरिन पास करते वक्त या उसके बाद में डिस्कंफर्ट हो रहा है, तो यह किसी प्रकार के फंगल इंफेक्शन या वेजाइनल इंफेक्शन या यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन या फिर सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन का संकेत भी हो सकता है।

4) पीरियड्स आने के 3-4 साल बाद भी लगातार इर्रेगुलर पीरियड्स

आमतौर पर, आपके पीरियड शुरू होने के बाद कुछ 3-4 साल तक यह इर्रेगुलर हो सकते हैं क्योंकि इन्हें रेगुलर पैटर्न फिक्स करने में थोड़ा समय लगता है। लेकिन इतने समय बाद भी यदि आपके पीरियड्स बहुत इर्रेगुलर हैं, तो यह हार्मोनल इंबैलेंस का संकेत हो सकता है, जो आपको एक गाइनेकोलॉजिस्ट को दिखाना चाहिए।

5) इर्रेगुलर पीरियड्स के साथ अन्य सिंपटम्स दिखने पर

यदि इर्रेगुलर पीरियड्स के साथ पिंपल्स, चेहरे पर बाल, मोटापा, बालों का गिरना आदि संकेत दिखे, तो यह जल्दी हार्मोनल इंबैलेंस का संकेत हो सकता है और इसे तुरंत ही दिखाना और ठीक करना आवश्यक है।

**  Disclaimer – डॉ सुदेशना रे पिछले 23 वर्षों से एक गाइनेकोलॉजिस्ट और ऑब्सटेट्रिशियन हैं।

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