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क्यों Emotional Intelligence बाकी Intelligences से ज़्यादा ज़रूरी है

हम अक्सर दूसरों की भावनाओं को अनदेखा करके उन्हें ठेस पहुंचा देते हैं और फिर बाद में पछताते हैं। इस व्यवहार से हम अपने ही अच्छे संबंध ख़राब कर रहे हैं। आइए जानते हैं भावनात्मक रूप से बुद्धिमान होने यानी इमोशनली इन्टेलिजेंट होने के फायदे।

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STP Hindi Team
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Emotional intelligence

Image Credit: Canva

Is Emotional Intelligence More Important Than Other Intelligences: हम अक्सर दूसरों की भावनाओं को अनदेखा करके उन्हें ठेस पहुंचा देते हैं और फिर बाद में पछताते हैं। इस व्यवहार से हम अपने ही अच्छे संबंध ख़राब कर रहे हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हम बुद्धिमान तो हैं लेकिन भावनात्मक रूप से बुद्धिमान नहीं हैं। आइए जानते हैं भावनात्मक रूप से बुद्धिमान होने यानी इमोशनली इन्टेलिजेंट होने के फायदे।

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क्यों Emotional Intelligence बाकी Intelligences से ज़्यादा ज़रूरी है

1. इमोशनल इंटेलिजेंस से टॉक्सिक वर्क कल्चर कम हो सकता है

आजकल घरों और दफ्तरों में काम तो होता है लेकिन कई बार हम अपने परिवार वालों या कॉलीग्स को दु:ख महसूस करवा देते हैं। इसके कारण हम एक टॉक्सिक वर्क कल्चर को जन्म देते हैं जिससे कंपनी का काम भी प्रभावित होता है। अपने जूनियर्स या सहकर्मियों की स्थिति को न जानते हुए उनसे बुरा व्यवहार आपकी छवि को भी खराब करता है। इसलिए अपनी इमोशनल इंटेलिजेंस पर काम करें और एक सकारात्मक माहौल को आगे बढ़ाएं।

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2. अच्छे EQ के सहारे आप असफलताओं की निराशा को बेहतर तरीके से झेलते हैं

अच्छा IQ (इंटेलिजेंस कोशिएंट) आपको विज्ञान और गणित के मुश्किल फॉर्मूले समझने में मदद कर सकता है, लेकिन असफलता और अपमान से डील करना नहीं सिखाता। वहीं अच्छा EQ (इमोशनल कोशिएंट) आपको जीवन में असफलताओं को स्वीकारना और उनसे आगे बढ़ना सिखाता है।

3. EQ अपनी गलती को स्वीकार करने की क्षमता है 

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जिंका ईक्यू अच्छा होता है वे भवनात्मक रूप से ज्यादा सोचते हैं। इसी वजह से वे अपनी गलतियों को अंदर ही अंदर टटोलते रहते हैं और उन्हें स्वीकार करके जीवन में आगे बढ़ जाते हैं।

4. ईक्यू दुसरों की गलतियों को आसानी से माफ करने में मदद करता है

क्योंकि भावनात्मक रूप से बुद्धिमान लोग अपनी भावनाओं से, गलतियों से, और उनके अंजाम से परिचित होते हैं, वे दूसरों की गलतियों को भी माफ करना जानते हैं। ऐसा करके वे अपने अंदर कोई शिकायत नहीं रखते और शांति से जीवन जीते हैं।

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5. भावनाओं के पीछे तर्क को समझना आसान हो जाता है

सामने वाला आख़िर अलग व्यवहार क्यों कर रहा है इसको जानने के लिए भी तर्क चाहिए। अगर आपका ईक्यू और लोगो के ईक्यू से अधिक है तो आपको ये समझने में मुश्किल नहीं होगी। किसी व्यक्ति को गलत जज करने से पहले आप सोचेंगे कि शायद उसके निजी जिंदगी में कुछ हुआ हो।

आज समाज को आईक्यू की उतनी जरूरत नहीं है जितनी ईक्यू की है क्योंकि इस तर्क भरे समाज में टेक्नोलॉजी का आतंक है, तो कहीं विश्व युद्ध की संभावना। ऐसे में इमोशनल इंटेलिजेंस सभी संभावनाओं की निरंतरता को समझने में और इन पर रोक लगाने में काम आ सकती है।

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