एक एन्त्रेप्रेंयूर की दुविधा: परिवार, काम , मित्र , नींद और स्वास्थ्य के बीच बैलेंस

Published by
Kriti Jain

एन्त्रेप्रेंयूर्शिप एक कठिन जर्नी है। इसके लिए प्लैनिंग और काफी कमिटमैंट की आवश्यकता होती है। हर महिला एन्त्रेप्रेंयूर को अपने काम के साथ जीवन के विभिन्न पहलुओं को बैलेंस करने की आवश्यकता होती है।

रैंडी ज़ुकरबर्ग, फेसबुक डायरेक्टर ऑफ मार्केट डेवलपमेंट ने इस दुविधा के बारे में कहते हुए कहा।

शीदपीपल.टीवी ने कुछ महिलाओं से यह बताने के लिए कहा था कि क्या वे जीवन के इन पांच पेहलूओं को बैलेंस कर पाती हैं।

वीमेन ऑन क्लाउड्स की फाउंडर शिरीन मेहता कहती हैं, “जीवन असंतुलित हैं जब आप एक एन्त्रेप्रेंयूर हैं – खासकर जब आप एक महिला एन्त्रेप्रेंयूर  हैं। भारत में एक महिला से बहुत उम्मीदें होती हैं लेकिन मैंने प्रायॉरिटाइज़ करना सीख लिया है। काम, परिवार और फिटनैस मेरी पहली प्रायॉरिटीज़ हैं, जिनमें से काम और परिवार हमेशा सबसे पहले दो पहलुओं में से एक हैं। मैं नींद और फिटनेस के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश करती हूँ। दोस्त और सोशल लाइफ यह सब पीछे रह जाते हैं।”

पढ़िए : “इनोवेशन एन्त्रेप्रेंयूर्शिप का दिल है” – सुरभि देवरा

मुंबई की निवासी पल्लवी सिंह, जो विदेशियों को हिंदी सिखाती हैं, कहती हैं:

“मेरा मानना ​​है कि मैं काम, नींद और परिवार को काफी अच्छी तरह से बैलेंस कर रही हूँ परन्तु
समय और सहायता की कमी के कारण दोस्त और फिटनैस इनमें पीछे रह जाते हैं. दोस्ती को बनाने और निभाने के लिए समय की आवश्यकता होती है। मुंबई जैसे व्यस्त शहर में जहाँ सभी लगभग हर वक़्त एक भाग-दौड़ में लगे रहते हैं – ऐसा कर पाना काफी असंभव है। ”

अच्छी नींद के साथ, फिटनैस मैनेज की जा सकती है – लतिका वाधवा

लतिका वाधवा, मास्टाइल केयर की फाउंडर, 3.5 साल से एंट्रेप्रेन्योर हैं। उनका मानना ​​है कि एक एंट्रेप्रेन्योर के लिए बैलेंस बनाना सबसे कठिन काम है। लतिका कहती हैं, “मैं काम, नींद और परिवार पर अधिक ध्यान देती हूँ। अच्छी नींद के साथ, फिटनैस मैनेज की जा सकती है।”

पढ़िए : भारतीय शिक्षा प्रणाली को सुधारने के लिए रोशनी मुखर्जी का प्रयास

वह मानती हैं कि काम के कमिटमेंट्स के कारण बहुत सारे दोस्तों से आपका संपर्क फीका पड़ सकता है, लेकिन काम को अपनी सुविधा के मुताबिक प्रायॉरिटाइज़ करना चाहिए। मित्रों के अलावा, फैमिली भी आपके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

“फैमिली सपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक है क्योंकि यह आपको काम करने के लिए प्रेरणा देती रहेगी, इसलिए उनके लिए समय निकालने की कोशिश करते रहें, वीकेंड पर या जब भी समय मिले- उनके साथ कहीं जाना चाहिए और उन्हें स्पेशल महसूस कराना चाहिए,” वह कहती हैं।

पढ़िए : महिलाओं के लिए आर्थिक स्वतंत्रता क्यों है ज़रूरी?

Recent Posts

Assam Researcher Barnali Das: असम की रिसर्चर बरनाली दास ने एस्ट्रोनॉमर्स की टीम को लीड किया

बरनाली दास के नाम से असम की एक रिसर्चर, अपने सुपरवाइजर प्रोफेसर पूनम चंद्रा और…

1 day ago

Health Benefits Of Ginger: क्या आप अदरक के ये फ़ायदे जानते हैं ?

आज के ज़माने में अदरक का इस्तेमाल दुनिया के हर कोने में किया जाता है।…

2 days ago

Home Remedies To Improve Eyesight: आँखों की रौशनी बढ़ाने के लिए अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

लोगों ने खराब विज़न से निपटने के लिए चश्मा और कॉन्टैक्ट लेंस पहनना शुरू कर…

2 days ago

Reason Behind Dry Eyelids: आंखों की पलकें सूखी क्यों लगती है? आइए जानते हैं

सूखी पलकें बहुत से लोगों को प्रभावित करती हैं, खासकर उन लोगों को जिन्हें पहले…

2 days ago

Movies to Watch This Weekend: दिमाग को तरोताजा और शांत करने के लिए देखिए यह हिट फिल्में

वीकेंड फाइनली आ गया! हम इस वीकेंड आपकी मदद करना चाहते हैं। जैसे ही वीकेंड…

2 days ago

Remedies For Blocked Fallopian Tubes: बंद फैलोपियन ट्यूब के लिए नेचुरल रेमेडीज

महिलाओं में इनफर्टिलिटी के प्रमुख कारणों में से एक फैलोपियन ट्यूब का बंद होना है।…

2 days ago

This website uses cookies.