गुड़गांववाली: सुपरबाइक रेसर्स ने समझायी जीवन में जूनून की अहमियत

Published by
STP Hindi Editor

भारत की सबसे तेज़ महिला सुपरबाइक रेसर्स और एक दंत चिकित्सक डॉ नेहरिका यादव और ईगल राइडर अकादमी की मनदीप मर्वा ने गुरुवार को (जनवरी 18) गुड़गांववाली समारोह में लेखक कंचन बनर्जी से मुलाकात की और अपनी बाइकिंग जर्नी के विषय में बताया.

इन दो सुपरबाइकर्स ने अपनी बाइकिंग जर्नी और अपने अनुभव के विषय में बात की. उन्होंने लोगों को अपने असली जूनून खोजने के लिए प्रेरित किया.

पहली बार जब मनदीप मर्वा बाइक पर बैठीं वह 45 साल की थी। “मैं एक ऐसे देश (मध्य पूर्व) में बड़ी हुई जहाँ साइकिल चलाना अवैध था। भारत आने पर मुझे यह अवसर मिला जब एक दोस्त देश में ईगल लाया और तब उन्होंने मोटर साइकिल की सवारी करने का अवसर प्राप्त किया.

वह अपने बाइकिंग के अनुभव को आनंदमय बताती हैं.

निहारिका 16 साल की थी जब उन्होंने बाइकिंग शुरू की थी। उसने बताया कि उनके परिवार और दोस्तों ने उनके फैसले का बहुत समर्थन किया है। उन्होंने उल्लेख किया कि उनके पेशेंट्स उनसे रेस के पास मांगते रहते हैं क्यूंकि वह उन्हें बाइक चलाता देखना चाहते हैं.

इन दंत चिकित्सक ने बताया कि जब वह एक सुपरबाइक रेसर मित्र के साथ बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में गयी तब उनका बाइकिंग में रूचि आयी. वहां के सभी बाईकर्स और रेस को देखने के बाद उन्होंने महसूस किया कि यह वह ऐसा कुछ था जो करना चाहती थी। तब से वह सुपरबाइकर बनने की दिशा में काम कर रही हैं और बहुत सी रेस में भाग लेती है।

ईगल राइडर्स अकादमी

मनदीप ने “ईगल राइडर्स अकादमी” शुरू किया ताकि वह अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंच सकें.

“हमारी अकादमी के बारे में सबसे दिलचस्प बात यह है कि हमने सबसे कम उम्र के व्यक्ति को प्रशिक्षित किया वह 34 साल की है और सबसे बड़ी उम्र की 56 साल की है।”

हालांकि मंदीप ने बताया कि वह अपनी बेटियों को बाइकिंग सिखाने से डरती हैं.

“महिलाओं का बाइकिंग सीखना इतने सारे सपनों के सच होने की तरह है।” दिलचस्प बात यह है कि पुरुष भी बाइक की सवारी सीखने के लिए अकादमी से संपर्क करते हैं।

क़सीदाकारी

मनदीप ने सबसे बड़ी क्रोशिए कंबल के लिए गिनीज रिकार्ड भी बनाया है। उन्होंने यूट्यूब वीडियो देखकर इस कला को सीखा। वह क्रोशिए को सबसे अधिक ध्यान देने योग्य कला मानती हैं.

अपना जूनून ढूंढना

निहारिका ने दो टेड टॉक्स दीं और लोगों को अपनी ज़िंदगी पूरी तरह से जीने के लिए और अपने डर को मिटाने ने लिए प्रेरित किया.

“यह आपके लिए बेहद जरूरी है कि आप अपने जीवन में जूनून रखते हैं. इसके बिना, जीवन हर दिन बहुत बोरिंग हो जाता है, ” उन्होंने कहा.

उन्होंने यह भी समझाया कि आपके जुनून से आपका अकेलापन दूर होता है और आप आपके जैसा जूनून रखने वाले लोगों के संपर्क में आते हो.

पढ़िए : ज्योत्स्ना आत्रे अपने उद्यम के द्वारा एक साइबर सुरक्षित दुनिया का निर्माण करना चाहती हैं

Recent Posts

टोक्यो ओलंपिक: पीवी सिंधु का सामना आज सेमीफाइनल में चीनी ताइपे की Tai Tzu Ying से होगा

आज के मैच में जो भी जीतेगा उसका सामना आज दोपहर 2:30 बजे चीन के…

2 mins ago

COVID के समय में दोस्ती पर आधारित फिल्म बालकनी बडीज इस दिन होगी रिलीज

एक्टर अनमोल पाराशर और आयशा अहमद के साथ बालकनी बडीज में दिखाई देंगे। इस फिल्म…

11 mins ago

COVID-19 डेल्टा वैरिएंट है चिकनपॉक्स जितना खतरनाक, US की एक रिपोर्ट के मुताबित

यूनाइटेड स्टेट्स के सेंटर फॉर डिजीज कण्ट्रोल की एक स्टडी में ऐसा सामने आया कि…

16 mins ago

किसान मजदूर की बेटी ने CBSE कक्षा 12 के रिजल्ट में लाये पूरे 100 प्रतिशत नंबर, IAS बनकर करना चाहती है देश सेवा

उत्तर प्रदेश के बडेरा गांव की एक मज़दूर वर्कर की बेटी अनुसूया (Ansuiya) ने केंद्रीय…

37 mins ago

गौहर खान का खुलासा, पति ज़ैद दरबार नहीं करते शादी अगर नहीं मानती उनकी ये विश

एक्ट्रेस गौहर खान ने खुलासा किया कि पति जैद दरबार उनकी एक विश पूरी ना…

1 hour ago

कौन है अशनूर कौर ? इस एक्ट्रेस ने लाए 12वी में 94%

अशनूर कौर एक भारतीय एक्ट्रेस और इन्फ्लुएंसर हैं जिनका जन्म 3 मई 2004 में हुआ…

2 hours ago

This website uses cookies.