नवंबर के महीने में सर्च इंजन गूगल ने अपने डूडल के द्वारा ४ ऐसी महिलाओं को सम्मानित किया जिन्होंने भारत के साथ साथ नारीत्व का भी नाम रोशन किया. यह वह महिलाएं हैं जिन्होंने अपनी उपलब्धियों से दुनिया को एक ऐसे समय पर चौकाया जब महिलाओं का कर्तव्य केवल घर की और अपने बच्चों का ध्यान रखना मन जाता था.

जानिए ऐसी ४ महिलाओं के बारें में

  1. सितारा देवी

Sitara Devi

८ नवम्बर 2017 को गूगल डूडल ने प्रमुख कथक नर्तक सितारा देवी को सम्मानित किया. सितारा देवी ने 1969 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और 1973 में पद्म श्री सहित कई पुरस्कार प्राप्त किए। 2002 में पद्म भूषण की पेशकश करते हुए उन्होंने यह कहने से इनकार कर दिया कि वह भारत रत्न से कम कोई पुरस्कार नहीं स्वीकार करेंगी. भारत के कथक महानों ने सितारा देवी की सफलता की प्रशंसा की है। बिरजू महाराज ने कहा है,” उन्होंने एक ऐसे समय में खुद के लिए एक अमिट छाप छोड़ी जब महिलाओं के लिए नाचना सम्मानजनक नहीं समझा जाता था.”

पढ़िए: रोहिणी का शहद का व्यवसाय डिजिटल की शक्ति को साबित करता है

२. अनुसूया साराभाई

google doodle

११ नवम्बर को महिला कार्यकर्ता अनुसूया साराभाई की 132 वीं जयंती थी। उन्होंने 1920 में अहमदाबाद टेक्सटाइल लेबर एसोसिएशन (मागर महाजन संघ) की स्थापना की, जो भारत के सबसे पुराने कपड़ा कामगारों का संघ है। अनुसूया ने भारत में महिला श्रम आंदोलन की ज़िम्मेदारी ली.

३. कार्नेलिया सोराबजी

Google doodle lawyer

१५ नवम्बर को गूगल डूडल ने कार्नेलिया सोराबजी को उनके १५१ जन्मदिन पर सम्मानित किया. वह भारत की पहली महिला वकील रह चुकी है. वह इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सामने अपने वकील के कपड़े में दिखाई गयी है. कार्नेलिया सोराबजी 1892 में लॉ स्कूल से ग्रेजुएट होने वाली पहली महिला थीं। वह ब्रिटिश विश्वविद्यालय में भाग लेने वाली पहली महिला थी जब उन्होंने ऑक्सफोर्ड में कानून की पढ़ाई की. वह एक लेखिका भी थीं जिन्होंने लघु कथाएं, लेख और एक ‘बिटवीन द ट्वाईलाईट’ आत्मकथा लिखी। जुलाई 6, 1954 को उनकी लंदन में मृत्यु हो गई।

४. रुख्माबाई

Rukhmabai

२२ नवम्बर २०१७ को गूगल डूडल ने रुख्माबाई को सम्मानित किया. वह औपनिवेशिक भारत की पहली महिला डॉक्टर रह चुकी हैं. उनका जन्म इस दिन १८६४ में मुंबई में हुआ था. उन्होंने अपनी सहमति के बिना हो रही उनकी शादी के खिलाफ आवाज़ उठाई और महिका आंदोलन की अगुवाई की.

पढ़िए: डिजिटल ग्रामीण एन्त्रेप्रेंयूर्शिप को बदल रहा है – कहती हैं हैप्पी रूट्स की रीमा साठे

Email us at connect@shethepeople.tv