“ट्रेकिंग आपके मानसिक फ़ोकस को वापस लाने में आपकी सहायता करती है। यह आपको शांति की भावना से भरती है जो आपको सामान्य रोज़मर्रा की जिंदगी में अधिक शक्ति पाने के लिए सक्षम बनाती है “, स्पिरिट ऑफ़ ट्रेकरस की संस्थापक साक्षी श्रीवास्तव भट्टाचार्य कहती हैं.

image

वर्तमान में दिल्ली में स्थित, साक्षी ने छह साल तक भारतीय सेना में काम किया था। उसके बाद, उन्होंने कोलकता में अपनी खुद की सुरक्षा एजेंसी शुरू की। दो साल पहले, उन्होंने एन्त्रेप्रेंयूर बनने का निर्णय लिया.

“मैं भारत के लगभग सभी क्षेत्रों में घूमी हुई हूँ और मैंने इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से बात भी की है। यह एक प्लस पॉइंट है क्योंकि कई लोगों को इतने सारे अलग-अलग जगहों पर जाने का मौका नहीं मिलता “, उन्होंने हमें अपनी सेना में अनुभव के बारे में बताया और कैसे अपने उद्यम की स्थापना में ट्रेकिंग के लिए उनके जुनून ने उनकी मदद की।

पढ़िए : इन महिलाओं से अपने करियर को फिर से शुरू करने के विषय में जानिए

अपने उद्यम के साथ, वह हिमालय में ट्रेकिंग के अपने अनुभवों को जितना संभव हो उतने लोगों के साथ बांटने की इच्छा रखती हैं।

वह दृढ़ता से मानती हैं कि रक्षा सेवाओं के साथ उनके कार्यकाल ने उन्हें एन्त्रेप्रेंयूर्शिप यात्रा को सरल बनाने में मदद करी है और बहुत सी सीख भी दीं हैं.”हम नहीं देखते कि कोई पुरुष या महिला है. हम लोगों को अलग अलग व्यक्तियों के रूप में देखते हैं “, उन्होंने कहा.

पढ़िए : रोहिणी का शहद का व्यवसाय डिजिटल की शक्ति को साबित करता है

“यदि आप अपने लाभ के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग नहीं कर रहे हैं, तो आप पीछे रह जायेंगे”

हिमालय में ट्रेकिंग एक खूबसूरत अनुभव है। “जब आप ट्रेकिंग कर रहे हैं, तो आप किसी के साथ संचार से बाहर हैं. तब आप प्रकृति पर अपनी उत्तरजीविता के लिए निर्भर रहते हैं.” वह कहती हैं, प्रकृति से जुड़ने से हम अपने पर्यावरण के और नज़दीक आ जाते हैं.

साक्षी को अपनी एन्त्रेप्रेंयूर्शिप यात्रा के दौरान कुछ चुनौतियों से जूझना पड़ता था। उन्हें लगता है कि यह नई परिदृश्य में एक नई चीज़ है क्योंकि ऐसे लोग ,जो वास्तव में ट्रेकिंग और रोमांच में चले गए हैं , की भारी कमी है.

“ट्रेकिंग आपके मानसिक फ़ोकस को वापस लाने में आपकी सहायता करती है। यह आपको शांति की भावना से भरती है जो आपको सामान्य रोज़मर्रा की जिंदगी में अधिक शक्ति पाने के लिए सक्षम बनाती है “

“इस प्रकार की सेवा के लिए निर्धारित कोई उचित योजना नहीं है. इसमें कोई विशिष्ट दिशानिर्देश नहीं है “, वह कुछ समस्याओं के विषय में बताती हैं जिनका उन्हें सामना करना पड़ा.

हालांकी, टेक्नोलॉजी और सोशल मीडिया के कारण उनके अपने वेंचर के विषय में लोगों को बताने में सरलता महसूस होती है. उनका मानना ​​है कि टेक्नॉलजी हमारे जागरूकता के स्तर को बढ़ाता है.

“यदि आप अपने लाभ के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग नहीं कर रहे हैं, तो आप पीछे रह जायेंगे” वह कहती हैं.

जहां तक ​​उनके वेंचर का भविष्य है, वह टेक्नोलॉजी की शक्ति में विश्वास करती हैं जो उनके वेंचर को पूरे विश्व में लोगों तक पहुंचने में मदद करेगी। उनकी 16 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को टारगेट करने की योजना है.

पढ़िए : मेरी उपलब्धियां मुझे आत्मविश्वास देती हैं : संध्या गोली

 

Email us at connect@shethepeople.tv