भारत सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई भारत की लक्ष्मी अभियान के तहत कप्तान राधिका मेनन को मान्यता दी। कैप्टन मेनन, जो पहली महिला मास्टर मेरिनर हैं, उन्होंने इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) द्वारा ‘समंदर में असाधारण बहादुरी 2016’ के लिए शीर्ष अंतरराष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार जीता था। समाज में महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान करने के लिए ‘मन की बात’ के 57 वें एपिसोड के दौरान, उन्हें 29 सितंबर को पीएम मोदी द्वारा घोषित भारत की लक्ष्मी अभियान के तहत रविवार को पुरस्कृत किया गया।

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कैप्टन राधिका मेनन का जीवन

कैप्टन राधिका मेनन भारतीय मर्चेंट नेवी की पहली महिला कप्तान हैं, जिन्होंने 2016 में अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) प्राप्त किया।आई एमओ, जो की यूनाइटेड नेशंस की एक विशिष्ट एजेंसी है जो एक्वेटिक और मरीन लाइफ की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है और समुद्री में जहाजों द्वारा फैलाये जानेवाले प्रदुषण को रोकने के लिए भी । कैप्टन मेनन को जून 2015 में बंगाल की खाड़ी में समुद्र में मछली पकड़ने वाली नाव से डूबने वाले सात मछुआरों को बचाने के लिए बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित किया।

कैप्टन राधिका मेनन ने शिपिंग कॉर्पोरेशन में रेडियो अधिकारी के रूप में पहली बार अपना करियर शुरू किया। उन्होंने 2017 में भारत में अंतर्राष्ट्रीय महिला सीफर्स फाउंडेशन (आईडब्ल्यूएसएफ) की स्थापना की, ताकि युवतियों को समुद्री में कैरियर बनाने में मदद मिल सके। मेनन ने एक पुरुष-प्रधान पेशे में शानदार प्रदर्शन किया और साबित कर दिया कि प्रोफेशन से लिंग आधारित नहीं हैं।

पीएम ने महिलाओं से राष्ट्र में योगदान देने की अपील की

“हमारी संस्कृति में बेटियों को लक्ष्मी का रूप में माना जाता है। क्या हम सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए अपने गांवों और शहरों में बेटियों को सम्मानित नहीं कर सकते? कई बेटियां और बहुएं  हैं जो असाधारण काम कर रही हैं … कुछ बच्चों को पढ़ा रही हैं?” कुछ लोगों को  स्वास्थ्य और स्वच्छता के बारे में जागरूक कर रही हैं। कई डॉक्टर, इंजीनियर के रूप में काम कर रही हैं … वकील के रूप में, वे न्याय देने में मदद कर रही हैं। समाज ऐसी बेटियों की पहचान कर सकता है और उन्हें पूरे भारत में सम्मानित कर सकता है “, उन्होंने यह सितंबर रेडियो प्रोग्राम में कहा था ।

भारत की लक्ष्मी

ट्विटर पर भारत सरकार के नागरिक जुड़ाव मंच ने भारत की पहली महिला ऑटो-रिक्शा चालक शिला डावरे की कहानी भी साझा की। इस पोस्ट में शिला डावरे ने रूढ़ियों को तोड़ा है और 13 साल से अधिक समय तक संघर्षों का सामना  किया है। भारत की लक्ष्मी अभियान के तहत, ट्विटर पर भारत सरकार के नागरिक जुड़ाव मंच ने भी अलीशा अब्दुल्ला- भारत की पहली एफ 1 महिला रेसर और भारत की पहली महिला राष्ट्रीय रेसिंग चैंपियन की प्रेरक कहानी साझा की।

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