न्यूज़

मैरी कॉम सबसे ज़्यादा वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल्स हासिल करने वाली मुक्केबाज़ बनी

Published by
Ayushi Jain

मणिपुर की प्रतिष्ठित मुक्केबाज मैरी कॉम ने महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप 2019 में ब्रोंज मैडल जीता। यह उनका आठवां वर्ल्ड चैंपियनशिप मैडल है जो उनके छह गोल्ड और एक सिल्वर विश्व चैंपियनशिप मैडल के पिछले संग्रह में जोड़ा गया है। मैरी कॉम, आठ वर्ल्ड चैंपियनशिप मैडल के साथ, अब विश्व मुक्केबाजों, दोनों पुरुषों और महिलाओं में सबसे ज़्यादा हासिल किये गए मैडल के लिए रिकॉर्ड रखती हैं।

महिलाओं की विश्व चैम्पियनशिप 2019 में मैरी कॉम का प्रदर्शन

36 वर्षीय दिग्गज मुक्केबाज ने शनिवार को महिला विश्व चैम्पियनशिप में अपने अभियान का समापन सेमीफाइनल में ब्रोंज मैडल के साथ किया। निश्चित रूप से, हाथ में छह गोल्ड मैडल के साथ, मैरी अपने सातवें मैडल पर निशाना लगा रही थी। क्वार्टर फाइनल में 2016 चैम्पियनशिप के ब्रॉन्ज मैडल विजेता, इंग्रिट वालेंसिया पर 5-0 की जीत के साथ, गोल्ड  एक ज़बरदस्त संभावना थी। हालांकि, उन्होंने  अपना सेमीफाइनल मुकाबला टर्की की यूरोपियन चैंपियन और दूसरी वरीयता प्राप्त बुसेनाज काकीरोग्लू के साथ मुकाबले में खो दिया क्योंकि यह 1-4 स्कोर के साथ समाप्त हो गया और इस तरह कोम को ब्रोंज मैडल के साथ समझौता करना पड़ा।

भारत ने सेमीफाइनल के फैसले का विरोध किया

उलान-उडे रूस में सेमीफाइनल बाउट समाप्त होते ही, भारत ने एक येलो कार्ड उठाया और निर्णय का विरोध किया। विरोध प्रदर्शन ने पूरे युद्ध और फैसले पर पुनर्विचार की मांग की। हालाँकि, विरोध को अस्वीकार कर दिया गया क्योंकि शनिवार को टीम की बैठक में ऐआईबीऐ के निर्देश ने यह स्पष्ट कर दिया कि विरोध केवल तभी माना जाएगा जब स्कोर 3: 1 या 3: 2 हो।

मैरी कॉम बाद में अपनी निराशा व्यक्त करने के लिए ट्विटर पर गई और उन्होंने रेफरी से सवाल किया। उन्होंने केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए ट्वीट किया, “कैसे और क्यों। दुनिया को पता है कि यह निर्णय कितना सही और कितना गलत है… ”

मैरी कॉम की उपलब्धियाँ निराशा को दूर करती हैं

निराशा के बावजूद, मैरी कॉम ने अभी तक एक और गौरव हासिल करने का दावा किया है क्योंकि उन्होंने अपना आठवां वर्ल्ड चैंपियनशिप मैडल जीता, जो किसी भी विश्व चैम्पियनशिप मुक्केबाज के लिए सर्वोच्च था। इसके अलावा, वह पहले ही 2012 में ओलंपिक ब्रोंज मैडल, एशियाई खेलों में गोल्ड मैडल और अन्य अंतरराष्ट्रीय खिताबों में राष्ट्रमंडल खेलों में भी मैडल जीत चुकी हैं। उन्होंने अब तक तीन श्रेणियों, 45 किलोग्राम, लाइट-फ्लाईवेट, 48 किलोग्राम और फ्लाईवेट 51 किलोग्राम में मेडल्स जीते है, जो ओलंपिक के लिए उनकी  नई श्रेणी है।

Recent Posts

Fab India Controversy: फैब इंडिया के दिवाली कलेक्शन का लोग क्यों कर रहे हैं विरोध? जानिए सोशल मीडिया का रिएक्शन

फैब इंडिया भी अपने दिवाली के कलेक्शन को लेकर आए लेकिन इन्होंने इसका नाम उर्दू…

8 hours ago

Mumbai Corona Update: मुंबई में मार्च से अब तक कोरोना के पहली बार ज़ीरो डेथ केस सामने आए

मुंबई में लगातार कई महीनों से केसेस थम नहीं रहे थे। पिछली बार मार्च के…

8 hours ago

Why Women Need To Earn Money? महिलाओं के लिए फाइनेंसियल इंडिपेंडेंस क्यों हैं ज़रूरी

Why Women Need To Earn Money? महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं, तो वे न…

10 hours ago

Fruits With Vitamin C: विटामिन सी किन फलों में होता है?

Fruits With Vitamin C: विटामिन सी सबसे आम नुट्रिएंट्स तत्वों में से एक है। इसमें…

10 hours ago

How To Stop Periods Pain? जानिए पीरियड्स में पेट दर्द को कैसे कम करें

पीरियड्स में पेट दर्द को कैसे कम करें? मेंस्ट्रुएशन महिला के जीवन का एक स्वाभाविक…

10 hours ago

This website uses cookies.