हमें छोटी पर और महिलायें चाहिए: ट्विटर भारत की पॉलिसी हेड, महिमा कौल

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STP Team
32 वर्ष की उमर में विश्व की सबसे बड़ी सोशियल नेटवर्किंग कंपनीज़ में से एक की पब्लिक पॉलिसी को हेड करना कोई आम बात नहीं है| पर महिमा कौल ने उस सोच पर दोबारा विचार करने पर मजबूर कर दिया है| इससे पहले महिमा एक पत्रकार थी जो भारत के सबसे बसे थिंक टॅंक्स में से एक, ‘थे अब्ज़र्वर फाउंडेशन’ में काम करती थी| उन्हे इंटरनेट शासन शोध में ख़ास दिलचस्पी है, जिसके चलते उन्होने साइबर सेक्यूरिटी, कम्यूनिकेशन टेक्नालजी और शासन मुद्दों  पर काफ़ी गहराई में लिखा है||
शिथेपीपल  से ख़ास बातचीत में, महिमा अपने चुनाव, काम से जुड़े निर्णय, कार्यकारी स्तर और प्रेर्णात्मक अनुभवों के बारे में बताती हैं|
पब्लिक पॉलिसी में होना सामाजिक उत्तरदायित्व का व्यापार है
मैं बहुत खुशनसीब हूँ कि मुझे ऐसी कंपनी में काम करने का अवसर मिला है जो आज की बढ़ते रूप से जुड़ती और उलझती दुनिया में स्वतंत्र अभिव्यक्ति की प्रचारक है| जब मैं अपने चारों तरफ ट्विटर के लाए हुए बदलावों को देखती हूँ, कभी कभी मुझे विश्वास नहीं होता कि मैं एक साद्दश्य दुनिया में बड़ी हुई हूँ| ट्विटर हमारे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनो ही जीवन का केंद्रीय भाग बन चुका है- आपात स्थित में, समुदाय बढ़ाने, रचनात्मक वैकल्पिक आख्यान और विरोध भाषण को बढ़ावा देने में ट्विटर ने अहम भूमिका निभाई है||
ट्विटर में मेरी भूमिका के 3 अहम काम हैं:
1. इंटरनेट नीति से जुड़े तर्क वितर्क में सरकार के साथ जुड़ना और विचार विमर्श पर नज़र रखना और भाग लेना| यह बहुत ज़रूरी है क्योंकि इंटरनेट एक नई और बढ़ती जगह है, और यदि सरकार समाज और हिटधारकों के साथ चलेगी तो प्रगतिशील क़ानून तय्यार हो पाएँगे|
2. दूसरा है ट्विटर के यूज़र्स के साथ जुड़ना, उन्हे नियमों और साधनों के बारे में जानकारी देना और यह समझाना कि यह मंच कैसे काम करता है, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा पारदर्शिता रह सके;
3.  समाज सेवी संस्थाओं और चॅरिटी के साथ काम करना #TwitterforGood
कॉर्पोरेट क्षेत्र की महटवांकांक्षा रखने वाली महिलाओं के लिए सलाह
मैं अपने जीवन अनुभव से 3 तथ्य निकाल सकती हूँ, कॉर्पोरेट या उसके अलावा| पहला, मैं 10 कर्ष पहले ऐसे क्षेत्र में काम करती थी जहाँ इतने अवसर नहीं थे और कई बार नई आइडिया और प्रॉजेक्ट सोच कर अवसर पैदा करने पड़ते थे| तो कई बार यात्रा एक खोज होती है, और और नवीनकारण कुंजी||
दूसरा यह कि कई बार लोग आपको कमजोर महसूस कराने की कोशिश करेंगे, क्योंकि आप एक महत्वाकांक्षी महिला हो| इसपर मैं कहूँगी, की सिर्फ़ अपनी जानकारी में सबसे बहतर लोगों के साथ काम करें| ऐसे कई लोग हैं जो आपके आगे बढ़ने और अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुँचने में मदद करेंगे| उनपर ध्यान केंद्रित करें| खूद महनत करें, अपना बेस्ट करें और परिणाम प्रदान करें|
तीसरा कुच्छ मिलता जुलता है| जब 2012 में निर्भाया बलात्कार हुआ, मुझे उस घटना से एक गहरा संबंध महसूस हुआ| ऐसा लगा मानो किसी ने मेरा उल्लंघन कर दिया हो| उस समय मैने एक ब्लॉग लिखा, जिसमें मैने इन सभी ख्यालों को लिखा| अब मैं समझती हूँ यह वैकल्पिक प्रस्ताव रखने जैसा है, नकारात्मक में कुच्छ सकारात्मक ढूँढने जैसा| काश हम ऐसा हर समय कर पाते|

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