विधवा औरतें समाज में भेदभाव की विक्टिम होती है, ख़ास तौर पे ग्रामीण शेत्रों में. हमारा सामाज कुलपति को बढ़ा मानता रहा है और यही कारण है की औरतें अभी भी अत्याचार का शिकार है. ग्रामीण शेत्रों में विधवा होने पर औरत की पहचान पर सवाल उठाए जातें है. यह कहानी है 4 विधवा औरतों की उत्तर्खंड से. एक औरत कहती है की उसे उपने बचों का द्‍यान, खाना पीना और शिक्षा के लिए पैसे नही थे. सामाज ने उंसको कोई मदद नही दी. वीडियो वॉलंटियर्स और शी द पीपल के सहयोग की यह कहानी है.

 

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