कांग्रेस नेता शीला दीक्षित, जिन्होंने 15 वर्षों तक दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में प्रतिनिधित्व किया, का शनिवार को, 20 जुलाई को 81 वर्ष की आयु में 3.55 बजे दोपहर को निधन हो गया। तीन बार शीला दीक्षित की बाईपास सर्जरी हुईं थी और आज सुबह उल्टी की शिकायत के बाद उन्हें दिल्ली के एस्कार्ट्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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एस्कॉर्ट्स अस्पताल के डॉक्टर अशोक सेठ के मुताबिक, दोपहर 3.15 बजे शीला दीक्षित को दिल का दौरा पड़ा। उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया और 3.55 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शीला दीक्षित के निधन पर गहरा दुख जताते हुए उनके साथ अपनी एक पुरानी तस्वीर को ट्वीट करते हुए लिखा, ‘शीला दीक्षित जी के निधन से गहरा दुख हुआ हैष मिलनसार व्यक्तित्व के साथ उन्होंने दिल्ली के विकास में उनका उल्लेखनीय योगदान हमेशा याद रहेगा। उनके समर्थकों और परिवजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं।’

शीला दीक्षित कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता थीं और 1998 से 2013 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री थीं। वह लगातार तीन बार कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री रहीं। दिल्ली की विधानसभा में वह नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती थीं।

आइये जानें राजनीति में क्या रहा उनका योगदान

  • 11 अप्रैल 2014 से  25 अगस्त 2014 तक केरल की राज्यपाल थी।
  • दिल्ली की  15 साल सीएम रही।
  • 15 साल तक सीएम रहने वाली वाली पहली महिला सीएम
  • 10 जनवरी, 2019 शीला दीक्षित को बनाया गया था दिल्ली कांग्रेस का अध्यक्ष
  • 1984 से 1989 तक उत्तर प्रदेश की कनौज लोकसभा सीट से सांसद थी।
  • 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सीएम प्रत्याशी बनाया था।
  • यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी का काफी करीबी माना जाता था।
  • 1986 से 1989 तक केंद्र में मंत्री थी।
  • केंद्र में संसदीय कार्य राज्य मंत्री थी।

दिल्ली प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने शीला दीक्षित के निधन पर दुख जताते हुए कहा, ‘राजनीति में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कभी भी अपने विरोधियों के प्रति कटु शब्दों का प्रयोग नहीं किया। वो हमें अचानक छोड़कर चलीं गईं विश्वास नहीं हो रहा है’

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