Topper Of Haryana Board: एक किसान की लड़की बनी 12वीं की टॉपर

Topper Of Haryana Board: एक किसान की लड़की बनी 12वीं की टॉपर Topper Of Haryana Board: एक किसान की लड़की बनी 12वीं की टॉपर

Sanjana

18 Jun 2022

हरियाणा राज्य में काजल नाम की एक लड़की ने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में पहली रैंक प्राप्त की है। यह लड़की किसी अमीर घराने की नहीं बल्कि एक आम किसान की बेटी है। यह हरियाणा राज्य के लिए बहुत ही गर्व की बात है। 

कौन है काजल?

काजल केसीएम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नंदाना, रोहतक की छात्रा है। एक इंटरव्यू में उन्होंने यह बताया कि वह अपनी कड़ी मेहनत और अध्यापकों के समर्थन की वजह से टॉप कर पाई हैं। यह उनके पिता के लिए बहुत ही गर्व की बात है। 

उन्होंने दूसरे छात्र छात्राओं को भी यह सलाह दी है कि अपने शिक्षकों की बात को विस्तार से सुने, समझे और उन पर अमल करें। यह आपको सफलता की तरफ ले जाने का एकमात्र रास्ता है।

काजल का बैकग्राउंड

काजल के परिवार में उनकी मां, उनके पिता और उनके दो बहन भाई शामिल हैं। उनकी मां एक होममेकर हैं और घर को संभालती है। वह नौवीं कक्षा तक पढ़ चुकी है। लेकिन उनके पिता केवल सातवीं कक्षा तक ही पढ़ पाए क्योंकि उनके पिता का देहांत हो गया था और उन्हें घर चलाने के लिए कमाने जाना था।

काजल के दोनों बहन भाई उनसे छोटे हैं। वह घर में सबसे बड़ी है और वह अपने दोनों बहन भाइयों से उम्मीद करती हैं कि वे भी उनकी ही तरह खूब मन लगाकर पढ़ाई करें, मेहनत करें और सफलता प्राप्त करें। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता शुरू से ही यह चाहते थे कि वह कड़ी मेहनत करें, पढ़ाई करें और कुछ बनकर दिखाएं।

वह बचपन से ही देश की सेवा करने के सपने देखा करती थी। और वह इंडियन आर्मी में lieutenant बनना चाहती हैं। वह दिन में 12 घंटे पढ़ाई किया करती थी और बाकी बचे समय में अपनी मां का घर के काम में हाथ बटाया करती थी। वह कहती हैं कि उन्हें दसवीं कक्षा में भी टॉप करना था लेकिन वह कुछ अंक से पीछे रह गई। 

कोविड महामारी के दौरान भी उन्होंने ऑनलाइन कक्षा मैं अपनी पूरी पढ़ाई की और अपनी समस्याओं का हल करने के लिए वह अपने टीचर के घर भी चली जाती थी।

हरियाणा कक्षा 12वीं के परिणाम

हरियाणा बोर्ड के 12वीं के परिणामों में लड़कियों ने लड़कों को भी पीछे छोड़ दिया। बोर्ड के प्रवक्ता द्वारा यह बताया गया कि 245685 बच्चों ने परीक्षा दी जिसमें से 2,13,949 बच्चे पास हुए और 23,604 बच्चों की कंपार्टमेंट आई।

परिणाम की घोषणा के बाद खट्टर ने कहा कि यह महिला सशक्तिकरण का बहुत ही अच्छा उदाहरण है। महिलाएं अब हर क्षेत्र में आगे बढ़कर सफलता प्राप्त कर रही हैं। सरकार भी कई प्रकार की योजनाओं से महिलाओं का प्रोत्साहन बढ़ा रही है।

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