Aspire For Her : इंडियन वर्कफोर्स में जेंडर गैप को करना है कम

Aspire For Her : इंडियन वर्कफोर्स में जेंडर गैप को करना है कम Aspire For Her : इंडियन वर्कफोर्स में जेंडर गैप को करना है कम

Sanjana

18 Jun 2022

क्या है "Aspire For Her"?

एस्पायर फॉर हर मुंबई में मधुरा दासगुप्ता सिन्हा के द्वारा स्थापित की गई एक ऑर्गेनाइजेशन है। इसका लक्ष्य महिलाओं को सशक्त करके उन्हें वित्तीय रूप से इंडिपेंडेंट बनाना है। एस्पायर फॉर हर का विजन है कि वह 2025 तक एक मिलियन से भी ज्यादा महिलाओं को सशक्त करें और भारत की जीडीपी में 5 बिलियन डॉलर का योगदान महिलाओं का हो। 

इसका एजेंडा महिलाओं की करियर आकांक्षाओं को पर्याप्त एजुकेशन द्वारा पूरा करके उन्हें फाइनेंशली इंडिपेंडेंट बनाना है। 

क्या है Aspire For Her का मिशन?

एस्पायर फॉर हर जवान महिलाओं को प्रोत्साहित करके उन्हें वर्कफोर्स में काम करके अपना कौशल और जज्बा दिखाने के लिए प्रेरित करता है। यह ऑर्गेनाइजेशन 2020 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर स्थापित की गई थी। इसके स्थापित होने से कुछ ही समय पहले COVID महामारी ने इंडिया में दस्तक दी थी। लेकिन इन सभी रुकावटों से लड़ते हुए मधुरा सिन्हा ने इसकी स्थापना की।

फाउंडर्स

इसकी स्थापना में मधुरा के साथ मंदिरा दासगुप्ता का भी बराबर का योगदान है। मंदिरा ने पश्चिम बंगाल सिविल सर्विसेज में 1973 में वर्कफोर्स ज्वाइन की थी। वह कमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट की पहली महिला डिप्टी कमिश्नर भी बनी। 1997 में उनका चयन IAS के लिए हुआ।

इसकी तीसरी फाउंडर है प्रतीति सिन्हा। वह उस समय एक थर्ड ईयर अंडर ग्रेजुएट छात्रा थीं। फिलहाल वह हुमन कंप्यूटर इंटरेक्शन रिसर्च में व्यस्त हैं और ऑनलाइन मीडिया के माध्यम से एल्गोरिथमिक बायस पढ़ रही है। साथ ही वह बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई भी कर रही हैं। 

AFH महिलाओं के लिए बहुत सारे ऑनलाइन स्किल लर्निंग कोर्सेज भी मुहैया कराता है। यह सब सुविधाएं महिलाओं को अपना करियर बनाने के लिए कौशल सिखाती है।

कौन हैं मधुरा दासगुप्ता सिन्हा?

मधुरा दास गुप्ता सिन्हा ने एस्पायर फॉर हर को फाइंड किया। वह एक बैंकर के रुप में काम कर चुकी हैं। NDTV के साथ अपने इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि मैं 25 साल तक बैंकर का काम कर चुकी हूं और मेरी लाइफ के पिछले 2 साल बहुत ही ज्यादा पर्सनल और प्रोफेशनल दोनों ही रूप से उत्साहजनक रहे हैं। मैंने एस्पायर फॉर हर को स्थापित करने का तब सोचा जब मैंने इंडिया में गड़बडाता हुआ जेंडर डाटा देखा।

महिलाओं की आर्थिक भागीदारी की लिस्ट में इंडिया की रैंक काफी नीचे है। उन्होंने बताया कि आज एस्पायर फॉर हर में डेढ़ लाख से भी ज्यादा लोग, मेंटर्स और इसके समर्थक शामिल है। यह समर्थक करीब 60 अलग-अलग देशों से हमारे साथ जुड़े हुए हैं। हम महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को बढ़ाने के लिए उनकी और समाज की सोच बदलने पर काम कर रहे हैं। 

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