Fab India Removes Diwali Ad: फैब इंडिया ने अपने दिवाली के कलेक्शन का नाम हटाया, सोशल मीडिया पर मचा हुआ था बवाल

Fab India Removes Diwali Ad: फैब इंडिया ने अपने दिवाली के कलेक्शन का नाम हटाया, सोशल मीडिया पर मचा हुआ था बवाल Fab India Removes Diwali Ad: फैब इंडिया ने अपने दिवाली के कलेक्शन का नाम हटाया, सोशल मीडिया पर मचा हुआ था बवाल

SheThePeople Team

19 Oct 2021

Fab India Removes Diwali Ad - फैब इंडिया ने ने फाइनली अपने दिवाली के नए कलेक्शन का नाम हटाने का फैसला कर लिया है। ऐसा तब हुआ जब इन्होंने अपना दिवाली कलेक्शन लांच किया और पूरे सोशल मीडिया पर बवाल मच गया था। इन्होंने अपने नए कलेक्शन का स्टाइल, शूट और नाम एक दम मुस्लिम के तरीके से किया था। इनकी मॉडल ने ही बिंदी लगायी थी और न ही इनका हिन्दू के तरीके से लुक रखा गया था और इसके बाद इस कलेक्शन का नाम भी इन्होंने उर्दू में रख दिया था।

Boycott Fab India


फैब इंडिया जो कि एक कपड़ों की ब्रांड है ने भी अपना ऐसा ही एक एड बनाया दिवाली के लिए लेकिन इसका नाम इन्होंने जश्न-ए-रिवाज रख दिया। सभी जगह हिन्दुओं को इसे देख बेहद दुःख हुआ और इसका विरोध भी किया गया। सभी जगह फैब इंडिया का बहिष्कार करने को लेकर ट्वीट किये जा रहे थे और कई लोग इनके कपड़ों के पोंछे या फिर इनका साफ़ साफ़ बहिष्कार भी कर रहे थे। इन सब को देख फैब इंडिया ने अपने इस नाम को बदलने का फैसला किया और अब यह जल्द ही नए नाम के साथ आएंगे।

Social Media Vs Fab India


सोशल मीडिया पर भी बॉयकॉट फैब इंडिया ट्रेंड कर रहा है और यह हर तरफ न्यूज़ में हैं। नेटिज़ेंस का कहना है कि इस तरीके से हिन्दू त्यौहार का उर्दू में नाम रखना गलत है और इससे हिन्दू की भावनाओं को ठेस पहुंची है । दिवाली आने वाली हैं और सभी ब्रांड्स अपने अपने एड इसके लिए शूट और रिलीज़ कर रहे हैं।

इसको देख सभी विरोध कर रहे हैं और इस ब्रांड को बॉयकॉट करने की मांग कर रहे हैं। आजकल ब्रांड कास्ट, रस्म या त्यौहार को लेकर एड बनाते हैं और जिसके कारण से हर बार कंट्रोवर्सी हो जाती है पहले मान्यवर के एड को लेकर भी ऐसी ही कंट्रोवर्सी हुई थी। इस एड में आलिया भट्ट थीं और वो कन्यादान और पराया धन को लेकर बात उठाती हैं।

उनका कहना है कि क्यों महिलाओं को खुद का कोई घर नहीं होता है और उन्हें हमेशा पराया ही मन जाता है। इसके बाद यह आखिर में सोच बदलने को कहती हैं जब कन्या की जगह एड में वर का भी दान होता है। इस में फिर वो कहती हैं कि कन्यादान नहीं कन्यामान।

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