Gamma Variant: क्या COVID-19 के टीके गामा वेरिएंट पर असर करते हैं?

Swati Bundela
23 Jul 2021
Gamma Variant: क्या COVID-19 के टीके गामा वेरिएंट पर असर करते हैं?

गामा वेरिएंट : दुनिया भर में COVID-19 के हजारों अलग-अलग वेरिएंट फैल रहे हैं। उनमें से एक, जिसे Gamma Variant कहा जाता है, पहली बार ब्राजील में पाया गया। यह वेरिएंट यूके सहित 10 से अधिक अन्य देशों में फैल गया है। गुरुवार को, रूस ने मामलों में वृद्धि दर्ज की जब पिछले 24 घंटों में कुल 24,471 नए COVID​​​​-19 मामले और नोवल कोरोनवायरस के कारण 796 मौतें हुईं।

इंटरफैक्स समाचार एजेंसी के अनुसार, रूस के एपिवैककोरोना (EpiVacCorona) वैक्सीन के डेवलपर, रूस ने COVID ​​​​-19 मामलों में भारी वृद्धि देखी है, जिसका कारण डेल्टा वेरिएंट या बी.1.617.2 के संक्रमण को दिया जाता है। रिसर्चर का यह भी मानना ​​​​है कि टीकाकरण की धीमी दर संक्रमण में स्पाइक के कारणों में से एक हो सकती है। लेकिन डेल्टा वेरिएंट के प्रसार के साथ, रूस फेडरेशन ने भी देश में गामा वेरिएंट (पी.1) के मामलों का भी पता लगाया है, इंटरफैक्स ने इंस्टिट्यूट का हवाला देते हुए कहा। रूस में रजिस्टर होने वाले चार टीकों में से दूसरा एपिवैककोरोना, साइबेरिया में वेक्टर इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित किया गया था।

इंस्टिट्यूट ने डेल्टा और गामा वेरिएंट को चिंता का कारण के रूप में देखने को कहा है क्योंकि वे फैलने के लिए खुद की कॉपी बनाते हैं, अधिक आसानी से ट्रांसफर होते हैं और एंटीबॉडी के प्रभाव को कम कर सकते हैं।

गामा वेरिएंट क्यों चिंता का विषय है ?


इस साल की शुरुआत में, P.1, या गामा, वैरिएंट चिंता का कारण बन गया क्योंकि इसे ऑरीजनल स्ट्रेन की तुलना में बहुत अधिक संक्रामक बताया गया था। प्रारंभिक डेटा ने सुझाव दिया कि यह ऑरीजनल स्ट्रेन से आपको दो बार संक्रामक हो सकता है, जबकि अधिक रिसर्च उस आंकड़े को और भी अधिक, 2.5 गुना ट्रांसमिसिबल के रूप में नज़र आ रहा है।

क्या COVID-19 के टीके गामा वेरिएंट पर असर करते हैं?


रिसर्चर का सुझाव है कि पिछले SARS-CoV-2 संक्रमण और टीके जो वायरस के लिए दिए जाते है ,वह अभी भी गामा के वेरिएंट से सुरक्षा प्रदान करते हैं। जैसा कि वेरिएंट में संभावित potential immune escape mutation होता है, यह मॉडर्ना और फाइजर वैक्सीन के लिए कही न कही प्रतिरोधी (resistant) साबित हुआ है। हालांकि, प्रतिरोध के परिमाण को मामूली कहा जाता है। मनौस में लगभग 70,000 स्वास्थ्य देखभाल कर्मचारियों के बीच किए गए एक रिसर्च में, चीन के CoronaVac वैक्सीन को वैक्सीन की पहली खुराक दिए जाने के 14 दिन बाद बीमारी को रोकने में 50 प्रतिशत प्रभावी दिखाया गया था।

क्या गामा वेरिएंट तीसरी लहर ला सकता है ? यहा पढ़े

अनुशंसित लेख