गुजरात महिला ने POCSO नियम के विरोध में जस्टिस गनेदीवाला को 150 कंडोम भेजे

Published by
Ayushi Jain

जस्टिस गनेदीवाला को कंडोम्स भेजे गए : अहमदाबाद की एक सेल्फ-कंफेस्सेड पोलिटिकल एनालिस्ट देवश्री त्रिवेदी ने यूट्यूब पर कुछ वीडियो अपलोड किए हैं, जिसमें दावा किया गया है कि उन्होंने विवादास्पद निर्णयों के विरोध में गनेदीवाला के ऑफिसियल रेजिडेंस और नागपुर के हाई कोर्ट रजिस्ट्री में कॉन्ट्रासेप्टिव्स मेल किये है। कहा जाता है कि गुजरात की महिला ने 13 फरवरी को कंडोम के पैकेज भेजे थे।

वीडियो में, त्रिवेदी ने कथित तौर पर दिखाया कि कैसे उन्होंने 12 पैकेट में लगभग 150 कंडोम पैक किए और उन्हें विभिन्न पतों पर भेजने के लिए तैयार किया गया। उन्होंने  मुंबई में एचसी की प्रिंसिपल बेंच को कुछ पैकेट भेजने का भी दावा किया। उसके वीडियो ने सबका  ध्यान खींचा।

कौन हैं पुष्पा गनेदीवाला?

निर्विवाद रूप से, पुष्पा गनेदीवाला विवादास्पद POCSO के लिए फैसला सुनाने वाली जज हैं। उसने जनवरी में विवादास्पद लॉज़ पास किए जो कि प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (POCSO) एक्ट से जुड़े थे, जिसके कारण अंततः लोगों को नाराजगी हुई।

“मैं अन्याय को बर्दाश्त नहीं कर सकती। न्यायमूर्ति गनेदीवाला के एक फैसले के कारण एक नाबालिग लड़की को न्याय नहीं मिला। त्रिवेदी ने इंडिया टुडे को बताया कि मैं (जस्टिस गनेदीवाला) को ससपेंड करने की मांग कर रही हूं।

हाल ही में, गणेदीवाला का कार्यकाल एक वर्ष की अवधि के लिए बढ़ाया गया था। बॉम्बे HC की नागपुर बेंच के न्यायाधीश ने बच्चों के खिलाफ अपराधों के लिए POCSO एक्ट के तहत विवादास्पद निर्णय दिए। उन्होंने फैसला सुनाया कि वास्तविक “स्किन टू स्किन कॉन्टैक्ट” के बिना कपड़ों द्वारा टकराना, यौन उत्पीड़न के लिए जायज़ नहीं है या पैंट की ज़िप खोलना POCSO एक्ट के अनुसार यौन हमला नहीं है। एससी ने तब सोशल मीडिया पर नाराजगी के बाद जनवरी के अंत में उन्हें परमानेंट जज बनाने के लिए अपनी सहमति वापस ले ली। न्यायमूर्ति पुष्पा गनेदीवाला के बारे में पढ़ें

“एक महिला के रूप में, मुझे नहीं लगता कि मैंने कुछ भी गलत किया है। मुझे कोई अपराधबोध नहीं है। महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना होगा। न्यायमूर्ति गनेदीवाला के इस आदेश से, पुरुष अपने कपड़ों का सहारा लेकर लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपों से मुक्त हो सकते हैं, ”त्रिवेदी ने दावा किया।

त्रिवेदी की कथित कार्रवाई के बाद, नागपुर बेंच के रजिस्ट्री ऑफिस ने इंडिया टुडे को बताया कि उन्हें अभी तक कोई पैकेट नहीं मिला है। यह दावा करते हुए कि यह एक क्लियर केस ऑफ़ कंटेम्प्ट का मामला है, नागपुर बार एसोसिएशन के सीनियर स्पोकसपर्सन श्रीरंग भंडारकर ने कहा, “हम मांग करते हैं कि इस महिला के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।”

देवश्री त्रिवेदी ने अपने एक्शन का बचाव किया

नागपुर बेंच में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों के एक ग्रुप ने नाराजगी व्यक्त की, त्रिवेदी ने टीओआई से कहा, “कंडोम जज की स्किन टू स्किन  के फैसले पर विरोध का एक प्रतीक है, जहां उन्होंने एक आदमी को जाने दिया एक 12 साल की बच्ची को ब्रैस्ट से पकड़ने के आरोप पर बस बिना कपडे उतारे। उन्होंने फैसला किया कि स्किन के कांटेक्ट में नहीं होने के कारण, उसका एक्शन यौन उत्पीड़न के दायरे में नहीं आता है। मुझे यह विचित्र लगा और मैं लड़की और उसके परिवार के दर्द को समझ सकती हूं।

Recent Posts

Home Remedies For Back Pain: पीठ दर्द को कम करने के लिए 5 घरेलू उपाय

Home Remedies For Back Pain: पीठ दर्द का कारण ज्यादा देर तक बैठे रहना या…

1 hour ago

Weight Loss At Home: घर में ही कुछ आदतें बदल कर वज़न कम कैसे करें? फॉलो करें यह टिप्स

बिजी लाइफस्टाइल में और काम के बीच एक फिक्स समय पर खाना खाना बहुत जरुरी…

4 hours ago

Shilpa Shetty Post For Shamita: बिग बॉस में शमिता शेट्टी टॉप 5 में पहुंची, शिल्पा ने इंस्टाग्राम पोस्ट किया

शिल्पा ने सभी से इनको वोट करने के लिए कहा और इनको वोट करने के…

4 hours ago

Big Boss OTT: शमिता शेट्टी ने राज कुंद्रा के हाल चाल के बारे में माँ सुनंदा से पूंछा

शो में हर एक कंटेस्टेंट से उनके एक कोई फैमिली मेंबर मिलने आये थे और…

5 hours ago

Prince Raj Sexual Assault Case: कोर्ट ने चिराग पासवान के भाई की अग्रिम जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा

Prince Raj Sexual Assault Case Update: शुक्रवार को दिल्ली की अदालत ने लोक जनशक्ति पार्टी…

5 hours ago

This website uses cookies.