मुंबई की एक ट्रेन में 19 साल की लड़की को आया हार्ट अटैक, TC ने बचाई जान

मुंबई के एक लोकल ट्रेन में एक 19 वर्षीय लड़की को आया हार्ट अटैक, तब मौके पर मौजूद TC ने बचाई लड़की की जान, आइए जानते हैं पूरी खबर इस न्यूज़ ब्लॉग में-

Vaishali Garg
09 Jan 2023
मुंबई की एक ट्रेन में 19 साल की लड़की को आया हार्ट अटैक, TC ने बचाई जान

Heart Attack Case

Heart Attack Case: 19 वर्ष की एक लड़की मुंबई की लोकल ट्रेन में सफर कर रही थी, तभी अचानक उसके सीने में दर्द उठा। इसी बीच उसके साथ सफर कर रहे अन्य लोगों ने घटना की जानकारी दी और दो महिला टिकट चेकर तुरंत वहां पहुंच गईं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, दीपा वैद्य और जैन मार्सेला सिबिल टिकट चेक करने में व्यस्त थे, जब उस लड़की को सीने में दर्द हो रहा था और उन्होंने उस 19 वर्षीय लड़की की जान बचाने के लिए तत्काल कार्रवाई की, जब उन्हें आपात स्थिति के बारे में पता चला। Mumbai local train

Heart Attack: मुंबई की एक ट्रेन में 19 साल की लड़की को आया हार्ट अटैक, TC ने बचाई जान

रिपोर्ट के अनुसार यह घटना शनिवार को घटित हुई थी, जिसमें बच्ची के सीने में अचानक दर्द हुआ। इस घटना को याद करते हुए मार्सेला बताती हैं कि जब उन्हें इस ख़बर के बारे मे की जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत स्टेशन मास्टर को फोन किया और प्लेटफॉर्म नंबर 9/10 पर व्हीलचेयर तैयार रखने को कहा। TC जैसे ही स्टेशन पहुंचे वह व्हीलचेयर की मदद से बच्ची को प्लेटफॉर्म क्लिनिक ले गए।

आपको बता दें की जब मार्सेला लड़की को क्लिनिक ले जा रही थी, तो एक अन्य टिकट चेकर जिसका नाम दीपा है, इस बात का ध्यान रख रही थी कि लड़की की ओर तबीयत खराब न हो!  हालांकि, तभी लड़की को सीने में तेज दर्द होने लगा और उसे सरकारी अस्पताल ले जाने का फैसला किया गया।

TC ने बताया की, ''लड़की की मेडिकल हिस्ट्री चेक करने के बाद उसे सिविल अस्पताल के ICU वार्ड में भर्ती कराया गया। शुरू में हमें लगा कि यह हल्का दिल का दौरा है। लेकिन जांच करने पर डॉक्टर को बता चला की लड़की सीने में संक्रमण से पीड़ित थी, जिसके कारण उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। उसे सांस लेने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।

इस खबर की जानकारी खुद सेंट्रल रेलवे ने तीन और टि्वटर में ट्वीट कर लिखा की "सी टी आई दीपा वैद्य और जैन मार्सेला जिस लोकल ट्रेन में टिकट चेक कर रहे थे, उसमें यात्रा करते समय 19 साल की युवती को तेज दर्द (हल्का दौरा) आया। तुरंत ही उन्होंने एक व्हील चेयर की व्यवस्था की और उसे रेलवे क्लिनिक और बाद में सिविल अस्पताल ले गए, उसके माता-पिता को सूचित किया।

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