Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मामलें में वाराणसी कोर्ट का बड़ा फैसला

Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मामलें में वाराणसी कोर्ट का बड़ा फैसला Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मामलें में वाराणसी कोर्ट का बड़ा फैसला

Apurva Dubey

12 Sep 2022

अदालत आज हिंदू महिलाओं के एक समूह को सुनने के लिए सहमत हो गई, जो प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर के बगल में, वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर प्रार्थना करने के लिए साल भर की पहुंच चाहते हैं। न्यायाधीश ने 3 अधिनियमों को देखा और कहा कि हिंदू महिलाओं के मामले में कोई भी बाधा नहीं है।

Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मामलें में वाराणसी कोर्ट का बड़ा फैसला 

  • मां श्रृंगार गौरी की नियमित पूजा की अनुमति और ज्ञानवापी में मौजूद अन्य देव विग्रहों की सुरक्षा से संबंधित मुकदमा सिविल कोर्ट में 18 अगस्त, 2021 को राखी सिंह, सीता साहू, मंजू व्यास, लक्ष्मी देवी और रेखा पाठक ने दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई करते हुए सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत ने ज्ञानवापी परिसर के सर्वे का आदेश दिया था।
  • कोर्ट ने ज्ञानवापी कैंपस में मौजूद मां श्रृंगार गौरी मंदिर में पूजा की अनुमति देने वाली याचिका को सुनवाई योग्य माना है। जिला जज डॉ. एके विश्वेश ने फैसला सुनाते हुए मुस्लिम पक्ष की अपील खारिज कर दी।
  • मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में सर्वे के आदेश के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि मुकदमे की सुनवाई जिला जज की कोर्ट करे। जिला जज की कोर्ट यह देखे कि मां श्रृंगार गौरी का मुकदमा सुनवाई योग्य है या नहीं है।
  • फैसले से पहले शहर में धारा 144 लागू कर दी गई थी। शहर में हिंदू-मुस्लिमों की मिली-जुली आबादी वाले इलाके में 2 हजार पुलिस बल तैनात थी। 500 मीटर के दायरे को बैरिकेडिंग लगाकर सील किया गया है।
  • कोर्ट ने हिंदू पक्ष की अपील स्वीकार कर ली है। मामले में अब अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी। कोर्ट में मुस्लिम पक्ष फैसले के दौरान मुस्लिम पक्ष मौजूद नहीं था।
  • जिला जज ने 26 पेज के आदेश का निष्कर्ष लगभग 10 मिनट में पढ़ा। इस दौरान सभी पक्षकार मौजूद रहे। कोर्ट ने श्रृंगार गौरी वाद की जवाबदेही दाखिल करने और ऑर्डर 1 रूल 10 में पक्षकार बनने के आवेदन पर सुनवाई करेगी। 
  • अदालत के फैसले के बाद हिंदू समाज में खुशी की लहर है। आगामी फैसला सुनाया जाना बाकी है। पूर्ण विश्वास है कि मंदिर के अवशेष मिले हैं तो निश्चित रूप से फैसला हिंदुओ के साथ होगा।
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