फ्रूट बेंचने वाले की लड़की की सिविल जज के पेपर में 5th रैंक आयी

फ्रूट बेंचने वाले की लड़की की सिविल जज के पेपर में 5th रैंक आयी फ्रूट बेंचने वाले की लड़की की सिविल जज के पेपर में 5th रैंक आयी

Swati Bundela

07 May 2022

इसकी एक बेटी है जिसका नाम है अंकिता और वो पढ़ने में बहुत होशियार है। अंकिता ने बताया कि वो अपने पिता के ठेले पर फल बचने में मदद भी करती हैं। लेकिन कोरोना के टाइम में जब लॉक डाउन था तब इन्होंने यूट्यूब की मदद से खूब पढाई की और इनको सरकार की तरफ से एक स्कोलरशिप मिली थी।  

अंकिता ने बताया कि यह एक डॉक्टर बनना चाहती थीं लेकिन इनके घर में इतने पैसे नहीं हैं और डॉक्टर की पढाई बहुत मेहेंगी होती है। इसलिए इन्होंने डॉक्टरी का सपना छोड़ सिविल जज एग्जाम देने का फैसला किया और उसकी तैयारी की। इन्होंने अपनी ज्यादतर पढाई सरकारी स्कॉलरशिप की मदद से की है।  

अंकिता ने कैसे की थी परीक्षा की तैयारी?

अंकिता ने बताया कि लॉकडाउन के वक़्त इनके पास एंट्रेंस का फॉर्म भरने तक के पैसे नहीं थे और इन्होंने बहुत मुश्किल से उसकी व्यवस्था की थी।  इन्होंने उन लोगों को पढाई और अपने सपनों पर फोकस करने को कहा जिनके पास पैसे हैं और जरिया है क्योंकि कई लोग इसके लिए तरसते हैं। अंकिता ने बताया कि इनके आस पास के सभी लोग इनसे शादी करके सेटल होने के लिए कहते हैं लेकिन इनकी फैमिली इन्हें पढ़ाने में सपोर्ट करती है।  

पिता ने बेटी की कामयाबी पर क्या कहा?

इनके पिता का कहना है कि यह अपनी बेटी को लाइफ में एक बार कुछ करने का मौका देना चाहते हैं इससे पहले यह शादी करें।  इनका कहना है लोग क्या कहते हैं उससे हमें फर्क नहीं पढता है हमारी लड़की जब तक चाहेगी हम उसे पढ़ाएंगे और उसके सपनों में उसका साथ देंगे। इनके माता पिता ने बताया कि पिछले 6 साल से यह अंकिता को पढ़ाने के लिए कोई मुश्किलें उठा रहे हैं और फिर भी हिम्मत नहीं हार रहे हैं।

अंकिता के पापा और मम्मी ने बहुत मेहनत से अंकिता की पढाई के लिए पैसे इक्कठा  किये जिसकी वजह से आज वो इस मक़ाम तक पहुंच पायी है। इनको अपनी बेटी पर गर्व है और यह खुश हैं कि इनकी मेहनत रंग लायी। इससे यह अपनी बेटी को आगे पढ़ाने के लिए और प्रोत्साहित हो गए हैं।  

 

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