जर्नलिस्ट वरुण हिरेमथ रेप केस : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बलात्कार के एक मामले में मुंबई के जर्नलिस्ट वरुण हिरेमथ की pre-arrest bail की याचिका खारिज कर दी। वरुण पर पुणे की एक मॉडल के साथ दुष्कर्म का आरोप है। वरुण पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली 22 वर्षीय महिला द्वारा दायर पेटिशन में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा उसे 13 मई को दी गई राहत का विरोध किया गया था।

लाइव लॉ के अनुसार जस्टिस नवीन सिन्हा और जस्टिस अजय रस्तोगी की बेंच ने उनकी अपील को खारिज करते हुए कहा, “हमारे पास इंटरफेर करने का कोई कारण नहीं है।”

क्या है जर्नलिस्ट वरुण हिरेमथ रेप केस

शिकायतकर्ता ने वरुण पर इस साल 20 फरवरी को दिल्ली के पॉश चाणक्यपुरी के एक होटल में उसके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया था। वरुण ने कहा है कि जो कुछ भी हुआ था वह सहमति से हुआ था।

फरवरी में महिला की शिकायत के बाद वरुण के खिलाफ चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 342 और 509 के तहत FIR दर्ज की गई थी। FIR के अनुसार, शिकायतकर्ता और आरोपी एक-दूसरे को 2017 से जानते थे।

4 जून को महिला की अपील पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा, “… केवल जमानत के उद्देश्य से, नॉर्मल ह्यूमन कंडक्ट और समझ का सवाल है, अगर एक पुरुष और महिला एक कमरे में हैं, और पुरुष रिक्वेस्ट करता है और महिला मान जाती है, तो हमें इस स्तर पर और कुछ कहने की जरूरत है?”

वरुण की हिरासत में पूछताछ के लिए बहस करते हुए, शिकायतकर्ता के वकील ने कहा, “वह ईमानदार रही है। उसने उस वक़्त ‘NO’ बोला था , फिर फिर वरुण ने जोर दिया, और बाद में वह उससे ज़बरदस्ती करने लगा … इसे ‘सहमति (Consent)’ नहीं कहते है।

मामले में पत्रकार की जमानत को चुनौती देने वाली महिला की याचिका खारिज करने के बाद  , सुनवाई के अंत में, अदालत ने कहा कि यह एक “बहुत बड़ा सवाल” है जिस पर बाद में फैसला होगा। जर्नलिस्ट वरुण हिरेमथ रेप केस

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