अंजुम मौदगिल भारत की पहली एथलीट थी जिन्होंने टोक्यो ओलंपिक का क्वालीफिकेशन राउंड क्लियर कर लिया था लेकिन लॉकडाउन की वजह से टूर्नामेंट्स ‌रिशेडयुल हो गए।

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पंजाब शूटर जो अभी अपने घर लुधियाना में हैं , उन्होंने कहा कि – वे अपना बैकग्राउंड स्पोर्ट्स फिजियोलॉजी में इस्तेमाल कर रही है , वह एक मास्टर डिग्री अपने हाथ में थामे हुए हैं। स्पोर्ट्स फिजियोलॉजी ने मुझे शूटिंग में काफी मदद की है और इसकी मदद से मैं खुद को बेहतर समझने में भी सफल हुई। मुश्किल समय में, यह आपको शांत रखने और मानसिक संतुलन को सही रखने में में मदद करता है और चीजों को किस तरह से देखना चाहिए , यह भी सिखाता है।

अंजुम अपने घर में परिवार के साथ काफी समय बिता रही हैं। वर्ल्ड नंबर 4 महिला राइफल खिलाड़ी ने कहा, “मेरे पास अब बहुत समय है अपने काम पूरे करने के लिए , जो टूर्नामेंट्स और ट्रेनिंग के दौरान नहीं हो पाता था। मैं अपना टाइम पेंटिंग के जरिए बिता रहे हैं और इसे काफी ज्यादा इंजॉय भी कर रही हूं। मैं अपनी हैंड पेंटेड डायरीस को बेचती हूं ताकि एनजीओ के लिए पैसा जमा कर सकूं, जो पंजाब के गांव को सपोर्ट कर रहे हैं। मैं आशा करती हूं कि आने वाले दिनों में अपने पेंटिंग्स के जरिए बहुत पैसा जमा कर सकूं।

मेरे पास अब बहुत समय है अपने काम पूरे करने के लिए , जो टूर्नामेंट्स और ट्रेनिंग के दौरान नहीं हो पाता था। मैं अपना टाइम पेंटिंग के जरिए बिता रहे हैं और इसे काफी ज्यादा इंजॉय भी कर रही हूं। – अंजुम

कई फैंस अब वाकिफ हो गए होंगे कि अंजुम एक शूटर के साथ एक आर्टिस्ट भी है। अंजुम अपना यह समय पेंटिंग्स के साथ गुजार रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी मां के साथ घर के कामों में भी हाथ बटाती हैं। मार्च के महीने में अंजुम दिल्ली के ट्रेनिंग कैंप में थी , जब पहला ‍ISSF वर्ल्ड कप होने वाला था। लॉकडाउन से पहले, वह लगातार अपनी ट्रेनिंग और टूर्नामेंट्स के लिए बाहर ट्रैवल करती रहती थी।

मेरे घर में एक ऐसी जगह है जहां पर मैं अपना टारगेट बनाती हूं और 10 मीटर डिस्टेंस बनाकर शूट करती हूं। इन सबके अलावा मैं यह भी ध्यान में रखती हूं कि दिन में दो बार वर्कआउट कर सकूं – अंजुम

पिछले कुछ हफ़्तों घर पर रहने के बाद, उन्होंने अपना ऑनलाइन एथलिट कोर्स पूरा कर लिया है। इसके अलावा उन्होंने ‘IN THE ZONE’ कोर्स‌ भी कंप्लीट कर लिया है ,जो स्पोर्ट्स फिजियोलॉजी से संबंधित है। फिलहाल वह ‘न्यूट्रिशन’ कोर्स कर रही है। वह एक मल्टीटास्किंग महिला है। अंजुम अपनी प्रैक्टिस को भी उतना ही समय देती है। “मेरे घर में एक ऐसी जगह है जहां पर मैं अपना टारगेट बनाती हूं और 10 मीटर डिस्टेंस बनाकर शूट करती हूं। इन सबके अलावा मैं यह भी ध्यान में रखती हूं कि दिन में दो बार वर्कआउट कर सकूं’ – अंजुम ने कहा।

अंजुम पिछले कई सालों से अपने बेहतर प्रदर्शन के लिए जानी जा रही है। सितंबर 2018 में, अंजुम भारत की पहली शूटर बनी जिन्होंने भारत के लिए ओलंपिक कोटा हासिल किया था। उन्होंने‌ महिला 10m राइफल इवेंट में सिल्वर मेडल हासिल किया जो ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप के अंतर्गत साउथ कोरिया में हुआ था। मई के महीने में, उन्होंने वूमेन्स रैंकिंग में दूसरा स्थान प्राप्त किया था। 2 महीने पहले, ‌ नई दिल्ली की मास्टर मीट में महिला 10m एयर राइफल का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया था। 24 साल की अंजुम ने 21वीं कॉमनवेल्थ गेम्स के 50m राइफल इवेंट में सिल्वर मेडल जीता था।

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