केरल की एक 10 वर्षीय स्कूली छात्रा, लिडविना जोसेफ (Lidwina Joseph) ने हाल ही में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) एनवी रमना को एक नोट लिखा था। इस नोट को सोशल मीडिया से न सिर्फ बहुत सारा प्यार मिला, बल्कि खुद CJI ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बच्ची को एक बेहद खास तोहफा भी भेजा।

अपने पत्र में, लिडविना ने देश में COVID-19 महामारी के दौरान “उठाये गए कड़े कदम” और लोगों की जान बचाने के लिए शीर्ष अदालत को धन्यवाद दिया था। इस लैटर से प्रभावित होकर, CJI रमना ने उसे जवाब देते हुए पत्र लिखा, देश भर में समाचारों और घटनाओं पर नज़र रखने के लिए लड़की की प्रशंसा की। CJI ने बच्ची को अपने हस्ताक्षर कर के संविधान की किताब भेजी थी।

लिडविना जोसेफ कौन हैं ?

  1. जोसेफ केरल के त्रिशूर में केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाला कक्षा 5 का छात्र है।
  2. उसने 20 मई को CJI को एक अपने हाथो से लिखा हुआ पत्र भेजा, जिसमें एक चित्र भी बना हुआ था ,चित्र में शीर्ष अदालत बनाया था, जिसमे एक न्यायाधीश को कोरोना वायरस को मारते हुए देखा गया है, और उसके पास देश के झंडे और महात्मा गांधी का चित्र है।
  3. CJI ने इस पत्र का जवाब देते हुआ लिखा ‘मुझे आपका पत्र मिला है, साथ ही के दिल को छू लेने वाला चित्र भी मिला है। जिस तरह से आपने देश में होने वाली घटनाओं पर नज़र रखी और महामारी में लोगों की भलाई के लिए आपने जो चिंता दिखाई है, उससे मैं वास्तव में प्रभावित हूं। मुझे यकीन है कि आप एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में बड़ी होंगी, जो राष्ट्र निर्माण में बहुत योगदान देगी।’
  4. CJI को लिखे अपने पत्र में, लड़की ने यह भी कहा था कि वह दिल्ली में COVID-19 से संबंधित मौतों के बारे में बहुत चिंतित थी, जहां वह है, और देश के अन्य हिस्सों में कोरोनावायरस बीमारी के कारण भी दुखी थी।
  5. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, छात्रा ने लिखा कि उसने COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में आम लोगों की पीड़ा और मौत के बारे में अदालतों के प्रभावशाली फैसलों के बारे में जानकारी हासिल की थी।
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