News: पत्नी से झगड़े के बाद शख्स ने 2 साल के बेटे को बालकनी से फेंका

दिल्ली में पति पत्नी के झगड़े के कारण पति ने अपने छोटे बेटे जो कि महज 2 साल का था उसको बालकनी से फेंक दिया, आइए जानते हैं पूरी खबर आज के इस न्यूज़ ब्लॉग में-

Vaishali Garg
17 Dec 2022
News: पत्नी से झगड़े के बाद शख्स ने 2 साल के बेटे को बालकनी से फेंका

Delhi News

Delhi News: दिल्ली के एक कपल मान सिंह और उनकी पत्नी पूजा कुछ समय से एक दूसरे से अलग रह रहे थे। लेकिन अपने परिवार से मिलने के लिए वे दोनों अपने घर गए। जहां उन दोनों की लड़ाई हो गई लड़ाई की ज्यादा बढ़ गई कि मान सिंह और उनकी पत्नी पूजा कुछ समय से अपने बच्चे पर भी नहीं दे रहे थे ध्यान। 

पूजा और उनके बच्चे फिलहाल कालकाजी में अपने नानी के घर रह रहे थे। मानसिंह शुक्रवार की रात उनसे मिलने गए थे। तब दोनों की वहां बहुत ज्यादा लड़ाई हो गई थी। पुलिस ने बताया कि गुस्से में बच्चे के पिता ने बेटे को बालकनी में लेकर गया और उसे 21 फीट नीचे कंक्रीट पर फेंक दिया जिसके बाद उसने भी छलांग लगा दी। All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) ने पिता-पुत्र को भर्ती कराया है, दोनों को काफी गंभीर घाव हैं। यह घटना शुक्रवार 16 दिसंबर को कालकाजी नई दिल्ली की एक झुग्गी से बताई गई है।

Delhi News: पत्नी से झगड़े के बाद शख्स ने 2 साल के बेटे को बालकनी से फेंका

पूजा की दादी ने दावा किया कि मान सिंह जब आया तो शराब के नशे में धुत था। बहस के बाद, मान सिंह अपने बेटे को छत पर ले गया और खुद कूदने से पहले उसे जमीन पर फेंक दिया। मान सिंह और उनके बेटे दोनों को चोटें आईं, लेकिन उनमें से कोई भी घातक नहीं हैं।

एक वरिष्ठ पुलिस ऑफिसर का दावा है कि शुक्रवार की रात 10 बजकर 38 मिनट पर कालकाजी थाने को सूचना मिली कि एक बच्चे को जमीन पर गिराकर एक आदमी अपने घर की छत से कूद गया है। पुलिस के मुताबिक मान सिंह पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अधिकारी ने कहा, “पुलिस की एक टीम ने सूचना का जवाब दिया और आनन-फानन में घटनास्थल पर पहुंची। उन्हें तब पता चला कि लगभग 21 फीट की ऊंचाई पर छत से कूदने से पहले मान सिंह ने अपने 2 साल के बेटे को जमीन पर फेंक दिया था। पूछताछ से पता चला कि जिस घर में यह घटना हुई, वह उसकी पत्नी पूजा की दादी का घर था, जो पहले ही घायल लड़के को होली फैमिली अस्पताल ले गई थी।

शुक्रवार को स्थिति पर स्वत: संज्ञान लेते हुए, दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) ने 20 दिसंबर तक एक रिपोर्ट का अनुरोध किया। शिक्षा निदेशक और अतिरिक्त शिक्षा आयुक्त को DCPCR द्वारा घटना की जांच शुरू कर दी गई है।

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