मिर्जापुर की सानिया मिर्जा, पहली मुस्लिम महिला Fighter Pilot बनेगी

मिर्जापुर की सानिया मिर्जा, पहली मुस्लिम महिला Fighter Pilot बनेगी। सानिया को भारतीय वायु सेना में एक लड़ाकू पायलट बनने के लिए चुना गया है। जानें पूरी ख़बर इस न्यूज़ महिला प्रेरक इंस्पिरेशन ब्लॉग में-

Vaishali Garg
23 Dec 2022
मिर्जापुर की सानिया मिर्जा, पहली मुस्लिम महिला Fighter Pilot बनेगी

Sania Mirza

India’s First Muslim Woman Fighter Pilot: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की रहने वाली Sania Mirza भारत की पहली मुस्लिम महिला फाइटर पायलट बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। एक टेलीविजन मैकेनिक शाहिद अली की बेटी सानिया मिर्जा ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की परीक्षा में कुल मिलाकर 149वीं रैंक हासिल की है। सानिया मिर्जा को भारतीय वायु सेना में एक लड़ाकू पायलट बनने के लिए चुना गया है और वह देश की पहली मुस्लिम महिला और राज्य की पहली IAF पायलट होंगी। आपको बता दें की सानिया देहात कोतवाली थाना क्षेत्र के जसोवर नाम के एक छोटे से गांव की रहने वाली हैं। आपको बता दें की फाइटर पायलट ने अपने गांव के पंडित चिंतामणि दुबे इंटर कॉलेज से हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी की।

“फाइटर पायलट विंग में महिलाओं के लिए केवल दो सीटें आरक्षित थीं। मैं पहले प्रयास में सीट हथियाने में असफल रही। हालांकि, मैं दूसरे प्रयास में एक सीट हासिल करने में सफल रही।” सानिया ने Etv Bharat online से कहा।

Meet Sania Mirza: India’s First Muslim Woman Fighter Pilot

हिंदी मीडियम के स्कूल में पढ़ने वाली सानिया मिर्जा ने कहा कि यह एक myth है कि अंग्रेजी में अच्छे संचार कौशल वाले उम्मीदवारों को इस प्रतिष्ठित लीग के लिए चुना जाता है और हिंदी माध्यम के विद्यार्थी भी यादि ठान लें तो सफलता प्राप्त कर सकते हैं। सानिया 27 दिसंबर को पुणे में एनडीए खडकवासला में शामिल होंगी।

आपको बता दें की सानिया 12 वीं यूपी बोर्ड में जिला टॉपर थी और जल्द ही सेंचुरियन डिफेंस एकेडमी में अपनी तैयारी शुरू कर दी। सानिया सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ-साथ सेंचुरियन डिफेंस एकेडमी को देती हैं। सानिया मिर्जा की मां तबस्सुम मिर्जा ने कहा, 'हमारी बेटी ने हमें और पूरे गांव को गौरवान्वित किया है। वह पहली फाइटर पायलट बनने का सपना पूरा करती हैं। उन्होंने गांव की हर लड़की को अपने सपने पूरे करने के लिए प्रेरित किया।”

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी 2022 की परीक्षा में पुरुष और महिला को मिलाकर कुल सिर्फ 400 सीटें थीं। जिसमें से 19 सीटें महिलाओं के लिए और दो सीटें लड़ाकू पायलटों के लिए आरक्षित थीं। इस वर्ष की शुरुआत में, भारत सरकार ने एक घोषणा की कि भारत दुनिया में महिला वाणिज्यिक पायलटों में योगदान देने वाला सर्वोच्च देश है। 2022 तक भारत 12.4 प्रतिशत के साथ विश्व स्तर पर महिला वाणिज्यिक पायलटों की अधिकतम संख्या का घर है, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया 7.5 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है।

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