Covid 19 के रेस्ट्रिक्शन्स ने हमारी ज़िन्दगियों में एक लंबा ब्रेक लगा दिया है पर इसका असर सुदेश कुमार को पूजा से शादी करने से नही रोक पाया। ये सब हो पाया पूजा की मुँह बोले मामा मामी की वजह से, एक मुस्लिम जोड़ा जो लुधियाना में रहते हैं।

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कौन था ये जोड़ा

अब्दुल साजिद और उनकी पत्नी पंजाब के लुधियाना डिस्ट्रिक्ट के भाटिया गांव में रहते हैं। उन्होंने 22 वर्षीय पूजा की शादी साहनेवाल में रहने वाले सुदेश कुमार के साथ एक सादे से समारोह में करा दी।

उन्होंने अपनी बेटी जैसी मुँहबोली भांजी का कन्यादान भी कराया क्योंकि उसके माता पिता उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में लॉक डाउन का पालन कर रहे हैं और शादी में आने में असमर्थ थे।

शादी पहले से तय थी

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार पूजा की शादी लॉक डाउन से पहले ही तय हो चुकी थी पर पूजा के माता पिता और उसके छोटे भाई बहन अपने गांव मुरादाबाद लौट चुके थे।

वो वापस नही आ सके क्योंकि लॉक डाउन शुरू हो चुका था पर अब्दुल साजिद और उनकी पत्नी जिनको पूजा मामा मामी कहती है, ने हिन्दू रीति रिवाज के साथ शादी सम्पन्न की।

सादे समारोह में बंधे शादी के बंधन में

शादी बहुत ही सादे तरीके से की गई और बहुत छोटा सा समारोह किया गया। पूजा के माता पिता ने शादी के लिए थोड़े पैसे भेजे थे।

साजिद और उनकी पत्नी ने सारी रस्में निभाई जब दूल्हे के रिश्तेदारों ने सवाल पूछा कि रस्में कौन निभाएगा। दुल्हन के माता पिता ने साजिद को शादी समारोह आगे बढ़ाने की इजाज़त दी।

दूल्हे की तरफ से सिर्फ 4 लोग थे। दूल्हे की 2 बहनें और उनके पति। कुल 7 लोग ही शादी में शामिल हुए थे

रस्में निभाई साजिद और सोनी ने

अब्दुल साजिद बताते हैं-

“हमने शादी की सारी तैयारियां की। हमने मच्छीवाड़ा से पंडित जी को बुलाया और सारे हिन्दू रीति रिवाजों से शादी सम्पन्न कराई। हमने पूजा का कन्यादान करा और बारातियों के लिये खाना भी बनाया। हमने पूजा को डबल बेड, अलमीरा और बर्तन भी गिफ्ट किये।”

दूल्हे के परिवार ने कहा था कि उन्हें कोई गिफ्ट नही चाहिए पर साजिद और उनकी पत्नी ने ही ज़ोर दे के उन्हें गिफ्ट दिया।

“हमने सोचा कि बेटी नए घर जा रही है तो हमें उसे कुछ देना चाहिए।”

दोनों दूल्हा दुल्हन एक मुस्लिम परिवार द्वारा शादी कराए जाने पर खुश थे।

साजिद और पूजा के परिवार 5 साल से एक दूसरे को जानते हैं

साजिद यार्न मिल में काम करते हैं और वो बिहार के कथियार से हैं।

“पूजा हमें मामा मामी बुलाती है और हम उसके जो भी कर सकते थे हमने किया। हम उसके परिवार को 5 साल से जानते हैं। और ऐसे कई उदाहरण हैं भारत में जहां अलग धर्मों के लोगों ने एक दूसरे की मदद की है।”

दूल्हा दुल्हन खुश थे

टाइम्स ऑफ इंडिया ने रिपोर्ट किया कि पूजा अपने मामा मामी के इस प्यार भरे भाव से बहुत खुश थी। दोनों दूल्हा दुल्हन एक मुस्लिम परिवार द्वारा शादी कराए जाने पर खुश थे।

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