Digital Shakti Campaign: NCW ने डिजिटल शक्ति अभियान का चौथा चरण शुरू किया

2018 में शुरू किया गया था डिजिटल शक्ति कैंपेन। यह कैंपेन अब अपना चौथा चरण शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार है इसकी घोषणा इसने 15 नवंबर को कि आइए जानते हैं पूरी खबर आज के इस न्यूज़ ब्लॉग में -

Vaishali Garg
17 Nov 2022
Digital Shakti Campaign: NCW ने डिजिटल शक्ति अभियान का चौथा चरण शुरू किया

Digital Shakti Campaign

Digital Shakti Campaign: राष्ट्रीय महिला आयोग ने ट्यूसडे 15 नवंबर को डिजिटल शक्ति अभियान के चौथे चरण की शुरुआत की है। अभियान का पर्पस साइबर स्पेस में महिलाओं और लड़कियों को सशक्त बनाना है।

4th फेस महिलाओं को अवैध और अनुचित ऑनलाइन गतिविधि के बारे में डिजिटल रूप से जागरूक करने पर केंद्रित है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा एक प्रेस कांफ्रेंस में, NCW ने meta और साइबरपीस फाउंडेशन के सहयोग से अभियान शुरू किया।

आपको बता दें की एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष रेखा शर्मा ने नए चरण को "महिलाओं के लिए सुरक्षित साइबर स्थान सुनिश्चित करने में एक मील का पत्थर" बताया है।

Digital Shakti Campaign

रेखा शर्मा ने बताया कि डिजिटल शक्ति अभियान के चौथे चरण का काम "महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ साइबर हिंसा से लड़ने और इंटरनेट को उनके लिए सुरक्षित स्थान बनाने के बड़े लक्ष्य में योगदान देना" है। रेखा शर्मा ने यह भी बताया की, “विवाह जीवन का उद्देश्य नहीं होना चाहिए। आपको खुद को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना चाहिए ”।

राष्ट्रीय महिला आयोग के अनुसार, भारत इंटरनेट का उपयोग करने वाली दूसरी सबसे बड़ी आबादी है और डराने-धमकाने के मामले परतीसरे नंबर पर हैं। ज्यादातर यह सब घटनाएं ऑनलाइन होती हैं। साइबर क्राइम के मामले में आंकड़े बताते हैं कि 98 फीसदी अपराध महिलाओं के खिलाफ हुए हैं।

2018 में शुरू किया गया था डिजिटल शक्ति कैंपेन

आपको बता दें की डिजिटल मोर्चे पर जागरूकता फैलाने और साइबर अपराध से लड़ने में महिलाओं की मदद करने के लिए डिजिटल शक्ति अभियान जून 2018 में शुरू किया गया था। भारत भर में 3 लाख से अधिक महिलाओं को साइबर सुरक्षा युक्तियों, डेटा गोपनीयता, रिपोर्टिंग तंत्र, निवारण तंत्र और उनके लाभ के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग के बारे में जागरूक किया गया है। इस अभियान की तहत महिलाओं के लिए साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का लक्ष्य दो वर्षों में 10 लाख लोगों के बीच जागरूकता फैलाना है। साइबरपीस फाउंडेशन के संस्थापक और वैश्विक अध्यक्ष विनीत कुमार ने बताया कि कार्यक्रम महिलाओं को रैंसमवेयर, पीछा करने, धमकाने, जबरन वसूली और अधिक खतरों से लड़ने में मददगार साबित होगा।

विनीत कुमार ने कहा कि तस्करी जैसे अपराधों के मामलों में डिजिटल प्लेटफॉर्म अपराधियों के लिए संपर्क का पहला बिंदु बन गया है। आगे उन्होंने बताया की, 'अपराधियों ने विभिन्न तकनीकी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है और बच्चे इसकी चपेट में हैं। जो दावेदार हैं वे सभी वर्ग के सभी आयु समूहों के बच्चों तक पहुंच रहे हैं।” विनीत ने यह भी खुलासा किया कि अभियान का लक्ष्य अगले दो वर्षों के भीतर 1 मिलियन नेटिज़न्स तक पहुंचना है।


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