NDTV की पूर्व पत्रकार निधि राजदान ने आज एक सोशल मीडिया पोस्ट में खुलासा किया कि वो एक गंभीर फ़िशिंग अटैक का शिकार हुई है। पिछले साल जून में, राजदान ने घोषणा की थी कि वह 21 साल के बाद NDTV को छोड़ रही है क्योंकि उन्हें हार्वर्ड विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में शामिल होना है।

हालाँकि, आज राजदान के पोस्ट के अनुसार, उन्हें जर्नलिज्म फैकल्टी में शामिल होने के लिए हार्वर्ड विश्वविद्यालय से कोई प्रस्ताव नहीं मिला। “इस अटैक के अपराधियों ने मेरे निजी डेटा और कम्युनिकेशन तक पहुंच पाने के लिए फॉर्जेरीज़ और मिसरिप्रेसेंटेशन का इस्तेमाल किया और उन्होंने मेरे डिवाइसेस और मेरे ईमेल / सोशल मीडिया अकाउंट्स तक भी पहुंच पायी,” उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा है।

राजदान ने कहा कि उन्होंने शिकायत दर्ज करदी है और पुलिस को सभी ज़रूरी सबूत दे दिये हैं। “मैंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के ऑथोरिटीज़ को भी लिखा है और उनसे इस मामले को गंभीरता से लेने की रिक्वेस्ट की है।”

पिछले साल जून में, निधि ने हार्वर्ड के इस कदम पर अधिक जानकारी देते हुए कहा था: कुछ व्यक्तिगत और प्रोफ़ेशनल समाचार: NDTV पर 21 साल काम करने के बाद, मैं अपनी दिशा बदल रही हूँ और आगे बढ़ रही हूँ। इस साल के अंत तक, मैं हार्वर्ड विश्वविद्यालय के आर्ट और साइंस फैकल्टी के हिस्से के रूप में एक एसोसिएट प्रोफेसर की भूमिका निभाऊँगी।

NDTV ने मुझे सब कुछ सिखाया है। यह मेरा घर रहा है। मुझे उस काम पर गर्व है जो हम करते आये हैं, जिन कहानियों को हम कवर करते हैं, जिन मूल्यों के लिए हम खड़े होते हैं, वो भी ऐसे समय में जब मीडिया के लोगों ने अपनी निष्पक्षता त्याग कर आत्मसमर्पण कर दिया है।”

निधि राजदान का करियर

निधि ने भारत की कई बड़ी कहानियों की एंकरिंग की है। निधि ने  लेफ्ट राइट एंड सेंटर की एंकरिंग  से लेकर कश्मीर पर रिपोर्टिंग की है।  युवा आसिफा के बलात्कार, मिस्र की क्रांति और कई रिपोर्ट्स की रिपोर्टिंग  में सबसे आगे रही हैं। राजदान ने अपने शो पर एक किताब भी लिखी है जिसका नाम लेफ्ट, राइट एंड सेंटर: द आइडिया ऑफ इंडिया है, जो जुलाई 2017 में प्रकाशित हुई थी।

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