Nikhat Zareen Wins Gold In Boxing: कहा लोग शॉर्ट्स पहनने पर टोकते थे

Nikhat Zareen Wins Gold In Boxing: कहा लोग शॉर्ट्स पहनने पर टोकते थे Nikhat Zareen Wins Gold In Boxing: कहा लोग शॉर्ट्स पहनने पर टोकते थे

Swati Bundela

21 May 2022

निखत ने गुरुवार, 19 मई, 2022  को चैंपियनशिप के फ्लाईवेट वर्ग में थाईलैंड के जितपोंग जुतामास को 5-0 से हराया।। जुतामास के खिलाफ फाइनल में जजों ने जरीन के पक्ष में मुकाबला 30-27, 29-28, 29-28, 30-27, 29-28 के स्कोर दिए।

2018 में ओलंपिक मुक्केबाज मैरी कॉम के यहां जीतने के बाद से चैंपियनशिप में यह भारत का पहला गोल्ड मैडल  है। जीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक उत्साहित जरीन ने पूछा: क्या मैं ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा हूं? यह एक अजीब प्रश्न है, मगर निखत के अनुसार “ट्विटर पर ट्रेंड बनना हमेशा मेरा सपना था और अपने देश के लिए कुछ हासिल करना सबसे बड़ी प्रेरणा है।"

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में, ज़रीन ने कहा कि पिछले दो साल मुश्किल रहे क्योंकि कोविड  महामारी ने ट्रेनिंग को कठिन बना दिया। 2021 में, ज़रीन मैरी कॉम से ट्रायल में हार गईं और ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई। वह कहती हैं कि तब से उन्होंने  अपने खेल में सुधार करने पर ध्यान केंद्रित किया है।

अजय सिंह , बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के प्रेजिडेंट ने कहा "दुनिया में पदक जीतना हमेशा एक सपना होता है और निकहत इतनी जल्दी इसे हासिल कर सकी  है, यह बेहद सराहनीय है”

निखत अब कॉमनवेल्थ गेम्स  के ट्रायल की तैयारी करेंगी जिसमें वह 50 किलो  (110.2 पाउंड) वर्ग में भाग लेंगी।

निखत ज़रीन के बैकग्राउंड से जुडी जरुरी बातें-
निखत दक्षिण भारतीय राज्य तेलंगाना के निजामाबाद शहर से  हैं। वह जूनियर यूथ चैंपियन रह चुकी हैं। उनका जन्म 14 जून 1996 को मोहम्मद जमील अहमद और परवीन सुल्ताना के परिवार में हुआ। वह बैचलर ऑफ़ आर्ट्स(बीए) डिग्री कर रही है।

उन्हें इलेक्ट्रिक स्कूटर और 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया, वी. श्रीनिवास गौड़ और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़  तेलंगाना स्टेट के ओर से। उन्हें बैंक ऑफ इंडिया में स्टाफ ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया गया है।

जरीन को उनके पिता मोहम्मद जमील अहमद ने बॉक्सिंग से परिचित कराया था और उन्होंने एक साल तक उनके अधीन प्रशिक्षण लिया था।निकहत को 2009 में भारतीय खेल प्राधिकरण के तहत प्रशिक्षित करने के लिए विशाखापत्तनम में द्रोणाचार्य 'गोल्डन बेस्ट बॉक्सर' घोषित किया गया इरोड नेशनल्स में

लोग खेल खेलने के लिए एक मुस्लिम लड़की को शॉर्ट्स पहनने पर आपत्ति करते थे। मैंने उन पर ध्यान न देना सीखा। जिस लड़की के शॉर्ट्स पेहेन्ने पे लोगो को आपत्ति थी, आज उसी लड़की पे पूरा भारत गर्व कर रहा है।

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