Norovirus Scare in Kerala: करेला में नोरोविरस का डर

Norovirus Scare in Kerala: करेला में नोरोविरस का डर Norovirus Scare in Kerala: करेला में नोरोविरस का डर

Monika Pundir

09 Jun 2022

केरला सरकार ने रविवार को बच्चों में नोरोवायरस के दो केस की कन्फर्मेशन दी।’हाइली कतजिअस’ यानी 'अत्यधिक संक्रामक' कहा जाने वाला नोरोवायरस दूषित पानी और खाने से फैलता है। वायरस की प्रकृति को देखते हुए केरला सरकार ने लोगों से स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया है।

केरला की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "दो बच्चों में नोरोवायरस इन्फेक्शन का पता चला है और उनकी स्वास्थ्य स्थितिस्टेबल है। फिलहाल चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है लेकिन सभी को सावधान रहना चाहिए और स्वच्छता बनाए रखनी चाहिए।"

नोरोवायरस को कंट्रोल में रखने के लिए पालन किए जाने वाले सुरक्षा प्रोटोकॉल कोरोना वायरस से होने वाली COVID के समान हैं। हाथों को हमेशा साफ रखना चाहिए और किसी भी सरफेस या किसी व्यक्ति को छूने के तुरंत बाद चेहरे या मुंह को नहीं छूना चाहिए। नोरोवायरस के संक्रमण से बचने के लिए, किसी को भी दूषित होने का थोड़ा सा भी संदेह होने पर हमेशा खाना खाने से बचना चाहिए।

नोरोवायरस से संबंधित कुछ सामान्य प्रश्नों के उत्तर:

  1. नोरोवायरस क्या है?
    नोरोवायरस एक संक्रामक वायरस है जो इन्फेक्शन होने पर उल्टी और दस्त का कारण बनता है। शरीर के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम पर इसके प्रभाव के कारण, वायरस को स्टमक फ्लू या स्टमक बग भी कहा जाता है। सिर्फ बच्चे ही नहीं, कोई भी नोरोवायरस से प्रभावित हो सकता है। ये वायरस दूषित खाद्य पदार्थों और सरफेस के माध्यम से तेजी से फैलता है। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) का कहना है कि जीवन में कई बार नोरोवायरस संक्रमण हो सकता है क्योंकि ये वायरस विभिन्न प्रकार के होते हैं और एक से होने वाला संक्रमण बाकी के खिलाफ सुरक्षा प्रदान नहीं करता है। एक रिसर्च के अनुसार, "मानव नोरोवायरस, जिसे पहले नॉरवॉक वायरस के रूप में जाना जाता था, को पहली बार नॉरवॉक, ओएच में गैस्ट्रोएंटेराइटिस के प्रकोप के दौरान एकत्र किए गए स्टूल सैंपल में पहचाना गया था, और यह गैस्ट्रोएंटेराइटिस का कारण बनने वाला पहला वायरल एजेंट था। 
  2. नोरोवायरस कैसे फैलता है?
    यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति के सीधे संपर्क में हैं जो वायरस से इन्फेक्टेड है, तो आपको वायरस पकड़ने की अधिक संभावना है। इसके अलावा, खाना खाने या तरल पदार्थ जो वायरस से दूषित हैं, नोरोवायरस से दूषित सरफेस या वस्तुओं को छूने और फिर चेहरे को छूने या बिना धोए एक ही हाथ से कुछ खाने से भी वायरस आपके शरीर तक पहुंच सकता है। दूषित पानी से उगाया या काटा गया भोजन भी वायरस फैला सकता है।
  3. नोरोवायरस 'पेट बग' के लक्षण क्या है?
    नोरोवायरस 'पेट बग' के सामान्य लक्षण हैं: उल्टी, दस्त, पेट में क्रैम्प, ठंड लगना, सिरदर्द, मसल्स में दर्द। वायरस के संपर्क में आने के 12 घंटे के भीतर लक्षण दिखाई दे सकते हैं और 1-2 दिन बाद भी आ सकते हैं।
  4. क्या असिम्प्टोमटिक नोरोवायरस केस हो सकते हैं?
    हाँ हो सकता है। कभी-कभी नोरोवायरस से इन्फेक्टेड लोगों में कोई लक्षण नहीं होते हैं, लेकिन फिर भी वे वायरस को दूसरों तक पहुंचा सकते हैं।
  5. क्या वायरस शरीर पर दुर्बल करने वाला प्रभाव डाल सकता है?
    बहुत से लोग 1-2 दिनों के भीतर ठीक हो जाते हैं और उनमें कोई लॉन्ग टर्म स्वास्थ्य कठिनाई नहीं देखी जाती है। नोरोवायरस इन्फेक्शन के दौरान डिहाइड्रेशन एक प्रमुख स्वास्थ्य जोखिम है। 
  6. नोरोवायरस संक्रमण को कैसे रोकें?
    अपने हाथ नियमित रूप से धोएं, खासकर शौचालय जाने के बाद, खाने से पहले, खाना बनाने से पहले और किसी को भी खाना परोसने से पहले। 




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