कोविड-19 ने दुनिया भर के खेलकूद के इवेंट्स को मानो थमा-सा दिया है, लेकिन सबसे बड़ा झटका तो तब लगा जब खबर आई कि इस साल 21 जुलाई को होने वाला टोक्यो ओलंपिक्स भी कैंसिल हो चुका है। सोमवार को इंटरनेशनल ओलिंपिक कमिटी (आईओसी) ने जानकारी दी कि ओलिम्पिकस का आयोजन अपनी तय तारीख से करीब एक साल बाद, यानी की 23 जुलाई 2021 को किया जाएगा।

image

आइये देखते हैं कि इस पर हमारे एथलीट्स का क्या रिएक्शन रहा:

दीपा कर्माकर

दीपा कर्माकर को घुटने में इंजरी हो गयी थी। इसी की वजह से वह पहले भी ओलंपिक्स में नहीं जा पा रही थीं। उनका कहना है, “आठ वर्ल्ड-कप होने थे, लेकिन अब सिर्फ दो ही बचे हैं, जो की मार्च में होने थे परन्तु कोरोनावायरस के चलते जून में पोस्टपोन हो गए। हालातों को देख कर ऐसा लगता है की वह अगले साल ही होंगे। मैं ठीक हो कर वापिस आने व क्वालीफाई करने की अच्छी-से-अच्छी कोशिश करुँगी। लेकिन अभी सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण यही है की हम पहले इस कोरोनावायरस को हराएँ।”
यह 26 वर्षीय जिम्नास्ट २०१६ में हुए रिओ ओलंपिक्स में चौथे स्थान पर आईं थी।

मैरी कॉम

चैंपियन बॉक्सर मैरी कॉम ने राज्य सभा एमपी के रूप में अपनी एक महीने की सैलरी प्राइम मिनिस्टर्स रिलीफ फंड में डोनेट की है। उन्होंने महामारी कोविड-19 को हारने के लिए 1 लाख रुपयों का दान किया है। “अब मुझे प्रेपयर करने के लिए ज़्यादा समय मिल गया और हमारी ट्रेनिंग भी एक्सटेंड हो सकती है। और यह सिर्फ मेरे लिए नहीं है, यह हर किसी के लिए है,” कहती हैं मैरी कॉम, जो 2012 में हुए लंदन ओलंपिक्स में भारत के लिए ब्रोंज मैडल लाईं थीं।

इंटरनेशनल ओलिंपिक कमिटी (आईओसी) ने जानकारी दी कि ओलिम्पिकस का आयोजन अपनी तय तारीख से करीब एक साल बाद, यानी की 23 जुलाई 2021 को किया जाएगा।

सैना नेहवाल

सैना नेहवाल, 2012 गेम्स की ब्रोंज विनर, कहती हैं “अच्छा हुआ कि यह पोस्टपोन हो गया। हम यह जानने के लिए उत्सुक रहेंगे कि आगे क्वालीफाई करने का प्रोसेस क्या होगा। एक एथलीट होने के नाते, जिसने पहले भी ओलंपिक्स खेला हुआ है, मुझे लगता है कि यह अच्छा हुआ, क्योंकि इससे लॉकडाउन के बीच चिंता न कर के थोड़े समय के लिए चिल्ल कर सकते हैं। पहले हमें सुरक्षित होने की ज़रुरत है, फिर हम प्रेपरेशंस को भी देख सकते हैं।”

विनेश फोगाट

पिछले साल वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में पोडियम फिनिश पा कर वह गेम्स के लिए क्वालीफाई कर चुकी हैं। उनका कहना है कि “यह एक फेयर डिसिशन है। मैं तो घर पर तैयारी कर रही थी, लेकिन ऐसे काफी प्लेयर्स हैं, भारत में और भारत के बाहर भी जो तैयारी नहीं कर पा रहे थे। और उनका सोचिये जो क्वालीफाई नहीं हुए थे! वह काफ़ी स्ट्रेस में होंगे। ऐसे में यह अच्छा हुआ। इससे उनको तैयारी करने के लिए ज़्यादा वक़्त भी मिल जाएगा।”

(यह आर्टिकल महक कौर मक्कार द्वारा लिखा गया है)

Email us at connect@shethepeople.tv