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Himachal: बर्फीले तूफान में 48 घंटे तक मालिक की लाश की रखवाली करता रहा वफादार कुत्ता अल्फा

हिमाचल प्रदेश के बर्फीले इलाके में एक पालतू कुत्ते, अल्फा ने अपने मालिक के शव की 48 घंटे तक निगरानी रखी। अल्फा का मालिक अभिनंदन गुप्ता और उसका दोस्त बिर-बिलिंग रेंज में एक गहरी खाई में गिर गए और दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई।

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Vaishali Garg
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Pet Dog Guards Dead Body Of His Owner For 48 Hours In Snow

Loyal Dog Guards Owner's Body for 48 Hours in Himachal Snowstorm, Saves From Wild Animals : हिमाचल प्रदेश के बर्फीले इलाके में एक पालतू कुत्ते, अल्फा ने अपने मालिक के शव की 48 घंटे तक निगरानी रखी। अल्फा का मालिक अभिनंदन गुप्ता और उसका दोस्त बिर-बिलिंग रेंज में एक गहरी खाई में गिर गए और दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई।

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बर्फीले तूफान में 48 घंटे तक मालिक की लाश की रखवाली करता रहा वफादार कुत्ता अल्फा

हिमाचल प्रदेश के बर्फ से ढके इलाकों में घूमने आए दो पर्यटकों की एक दुर्घटना में जान चली गई। कांगड़ा जिले के बिर-बिलिंग क्षेत्र में एक गहरी खाई में गिरने से अभिनंदन गुप्ता और उनका दोस्त पारणीता बिल्लुंग की मौत हो गई। बचाव दल को उनके शवों का पता लगाने में अभिनंदन के कुत्ते अल्फा ने मदद की, जिसने न सिर्फ अपने मालिक की निगरानी की बल्कि मदद के लिए जोर-जोर से भौंका भी।

रिपोर्टों के अनुसार, अभिनंदन गुप्ता पठानकोट के रहने वाले थे जबकि उनकी दोस्त पारणीता महाराष्ट्र के पुणे की रहने वाली थीं। दोनों कुछ समय से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के बिर-बिलिंग में साथ रह रहे थे। रविवार दोपहर को वे अपने साथ कुत्ते अल्फा को लेकर कार से पालमपुर के पास एक पर्यटक स्थल बिलिंग गए थे।

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हालांकि, भारी बर्फबारी के कारण दोनों बीच रास्ते में ही कार छोड़कर अल्फा के साथ पैदल बिलिंग चले गए। वापसी में अपने बेस कैंप बिर के पास चोगन लौटते समय वे फिसल कर एक गहरी खाई में गिर गए।

पुलिस को शवों के बारे में कैसे पता चला?

जब अभिनंदन घर नहीं लौटे, तो उनके जीजा ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने इसके बाद एक बचाव दल गठित किया और उसे उन इलाकों की तलाशी के लिए भेजा जहां बाद में शव मिले थे। एक अधिकारी ने मीडिया को बताया, "जब बचाव दल पहुंचे तो उन्हें कदमों के निशान मिले, जिससे यह अनुमान लगाया गया कि दोनों ने खाई से बाहर निकलने की कोशिश की लेकिन ऐसा नहीं कर सके और तेज ठंड और चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई। चूंकि घायल कुत्ता भौंक रहा था, इसलिए उन दोनों का पता लगाया जा सका; अल्फा अपने मालिक को बचाने की आस में शवों के पास बैठा रो रहा था। कुत्ते ने मंगलवार तक यानी मंगलवार तक 48 घंटों तक शवों की रखवाली की। बचाव दल के मौके पर पहुंचने तक उसने शवों को खाई से निकालने दिया और शवों को बिर तक ले गया, जहां उन्हें मोर्चरी में रखा गया।"

सूत्रों के मुताबिक, अल्फा ने 9,000 फीट की ऊंचाई पर पाए जाने वाले काले भाल और तेंदुओं जैसे जंगली जानवरों के हमले से अपने मालिक और अपने दोस्त के शवों को बचा लिया। शवों पर जंगली जानवरों के हमले के कारण चोटें आई थीं।

पालमपुर के उपमंडल दंडाधिकारी डीसी ठाकुर ने कहा, "ऐसा लगता है कि वे भारी बर्फ के कारण अपने कुत्ते के साथ फिसलकर गिर गए और उनकी मौत हो गई। बचाव दल उन्हें तब ढूंढ पाया जब उन्होंने एक कुत्ते को अकेले शवों के पास बैठकर रोते हुए भौंकते सुना।"

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