पीवी सिंधु की ऐतिहासिक 500वीं जीत, इंडोनेशिया मास्टर्स में क्वार्टर फाइनल में एंट्री

यह जीत इंडियन बैडमिंटन इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि है और साथ ही एक रिकॉर्ड भी है। इस शानदार जीत के साथ सिंधु ने टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में भी अपनी जगह बना ली है।

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Dimpy Bhatt
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PV Sindhu achieves historic win enters quarterfinals at Indonesia Masters

Photograph: (Instagram)

इंडियन बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि डेडिकेशन, हार्ड वर्क और पैशन बहुत ज़रूरी हैं। जकार्ता में इंडोनेशिया मास्टर्स सुपर 500 टूर्नामेंट में, पीवी सिंधु ने एक डेनिश खिलाड़ी को हराकर अपने करियर की 500वीं इंटरनेशनल जीत हासिल की। यह जीत इंडियन बैडमिंटन इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि है और साथ ही एक रिकॉर्ड भी है। इस शानदार जीत के साथ सिंधु ने टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में भी अपनी जगह बना ली है।

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पीवी सिंधु की ऐतिहासिक 500वीं जीत, इंडोनेशिया मास्टर्स में क्वार्टर फाइनल में एंट्री

500 जीतों का माइलस्टोन और लंबा संघर्ष

पीवी सिंधु का रास्ता हमेशा आसान नहीं रहा है। चोटों, फॉर्म में उतार-चढ़ाव और कड़ी टक्कर के बावजूद उन्होंने बार-बार खुद को साबित किया है। 500 जीत का माइलस्टोन  इंटरनेशनल लेवल पर सिंधु के भरोसेमंद परफॉरमेंस के लंबे इतिहास को दिखाता है। बहुत कम एथलीट इतने लंबे करियर तक इस लेवल की कंसिस्टेंसी बनाए रख पाते हैं।

इस इंडोनेशिया मास्टर्स मुकाबले में सिंधु का सेल्फ कॉन्फिडेंस और एक्सपीरियंस साफ दिख रहा था। उन्होंने पूरे मैच में पेशेंस से गेम को कंट्रोल किया और जब सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी, तो अग्ग्रेसिस खेल दिखाया। डेनिश खिलाड़ी ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन सिंधु को अपने स्मार्ट खेल, ज़ोरदार स्मैश और कोर्ट कवरेज की वजह से फायदा मिला। यह जीत स्कोरबोर्ड पर उनकी ताकत के साथ-साथ उनकी मेंटली मज़बूती को भी दिखाती है।

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युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनीं सिंधु

पीवी सिंधु की 500वीं जीत खास इसलिए भी है क्योंकि ये ऐसे टाइम में आई है जब इंडियन बैडमिंटन में युवा खिलाड़ी तेजी से उभर रहे हैं।  वे सिंधु को एक रोल मॉडल के तौर पर देखते हैं कि लंबे टाइम तक हाई लेवल पर कैसे परफॉर्म करते रहना है। सिंधु ने हर बड़े प्लेटफॉर्म पर इंडियन को सम्मान दिलाया है, ओलंपिक में मेडल जीतने से लेकर वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने तक। 

क्वार्टर फाइनल की चुनौती और आगे की राह

क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बाद अब सिंधु और भी गेम्स में हिस्सा ले सकती हैं। हालांकि हर सुपर 500 टूर्नामेंट मैच मुश्किल होता है, लेकिन सिंधु का बैकग्राउंड उन्हें दूसरे खिलाड़ियों से अलग बनाता है। आने वाले गेम्स में, उनसे उम्मीद है कि वह अपनी एग्रेसिव और इंटेलीजेंट भरी खेलने की स्टाइल दिखाएंगी।

इस जीत के बाद से सिंधु के सोशल मीडिया पर फैंस ने गुड विश के मैसेज की बाढ़ लगा दी। फैंस और खेल प्रेमी इस अचीवमेंट को इंडियन खेल इतिहास में एक ऐतिहासिक माइलस्टोन बता रहे हैं। यह एक बड़ी अचीवमेंट होने के साथ-साथ, सिंधु की 500 जीतें उनके कमिटमेंट, सेल्फ -डिसिप्लिन और हार्ड वर्क का सबूत हैं।

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पीवी सिंधु की अचीवमेंट आने वाली एथलीटों जनरेशन  को एक पावरफुल मैसेज देती है: सक्सेस के लिए सालों की डेडिकेशन और हार्ड वर्क लगती है। इंडोनेशिया मास्टर्स में अपनी विक्ट्री से यह साबित होता है कि सिंधु आज भी इंडियन बैडमिंटन में सबसे भरोसेमंद और दमदार खिलाड़ियों में से एक हैं।

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