बीबीसी ने भारतीय प्लेयर पीवी सिंधु को ‘स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर’ के खिताब से नवाज़ा है। चार और महिलाएं, यानी कि मैरी कॉम, दुती चंद, विनेश फोगट व मानसी जोशी को भी इस अवार्ड के लिए नॉमिनेट किया गया था। 2019 में, पीवी सिंधु बासेल, स्विट्ज़रलैंड में हुई बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड मैडल जीतने वालीं पहली भारतीय नागरिक बनी।

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आपको जानकर हैरानी होगी कि जब सिंधु वर्ल्ड रैंकिंग्स के टॉप 20 में आयी थीं, तब वह सिर्फ 17 साल की थीं। यही नहीं, वह सिंगल्स में ऐसी पहली भारतीय प्लेयर हैं जिन्होनें ओलिंपिक में सिल्वर मैडल जीता है।

उनका कहना है कि यह अवार्ड वह अपने सभी फंस और सुप्पोर्तेर्स को डेडिकेट करना चाहती हैं, जिन्होंने हमेशा उन्हें सप्पोर्ट किया और उनके लिए वोट किया। उन्होंने यह भी कहा कि-“सफलता मेहनत से ही मिलती है। मुझे यकीन है की जल्द ही और भी भारतीय स्पोर्ट्सवुमेन होंगी जो भारत के लिए मेडल्स जीतेंगी।”

  • जहाँ तक बात है पीवी सिंधु की, तो उन्होंने 2009 में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। 2020 में उन्हें पद्मा भूषण मिला। उन्हें 2013 में अर्जुन अवार्ड, 2015 में पद्मा श्री, व 2016 में राजीव गाँधी खेल रत्न मिला।
  • और तो और, सिंधु ने पांच वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल्स भी जीते हुए हैं। उन्हें 2011 में कामनवेल्थ युथ गेम्स व 2012 में हुए एशियन जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मैडल मिला।
  • उन्होंने 2016 में हुए साउथ एशियन गेम्स व 2018 में हुए कामनवेल्थ गेम्स में अपने देश के लिए गोल्ड मैडल जीता था। वह अभी तक करीब 20 मेडल्स जीत चुकी हैं। उन्हें ‘स्पोर्ट्सपर्सन ऑफ़ द ईयर’ के लिए टाइम्स ऑफ़ इंडिया स्पोर्ट्स अवार्ड भी मिला है।
  • 2020 में अभी तक वह छठें स्थान पर हैं। 2017 में वह दूसरे स्थान पर थीं। वह वर्ल्ड चम्पिओन्शिप्स में पांच या उससे ज़्यादा मेडल्स जीतने वाली दूसरी महिला हैं। इस श्रेणी में ज़हाँग निंग पहली महिला हैं।
  • बीबीसी के द्वारा स्प्रिंटर पी. टी. ऊषा को भी लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया। उन्हें अपने करियर के दौरान 100 से ज़्यादा मेडल्स व अवार्ड्स मिल चुके हैं। इंडियन ओलिंपिक अस्सोसिएशन ने प. टी. ऊषा को ‘बेस्ट स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द सेंचुरी’ के टाइटल से नवाज़ा।
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