कोरोना महामारी की वजह से देश में स्कूल्स और कॉलेजेस लगभग 8 महीनों से बन्द हैं। हालाँकि ऑनलाइन क्लासेस बराबर चल रही हैं पर डिजिटल डिवाइड और अन्य सामाजिक परेशानियों के चलते कई बच्चे रेगुलर क्लासेस से वंचित रह गए। लेकिन अब कोरोना केसेस के घटते नंबर्स से बच्चों में फ़िर से उम्मीद जगी है। कई राज्य, स्कूल्स और कॉलेजेस में ऑफलाइन क्लासेस लगवाने के पक्ष में है। आफलाइन क्लासेस के लिए सभी इंस्टिट्यूशन्स को बच्चों और स्टाफ़ की सुरक्षा के लिए कुछ प्रोटोकॉल्स फ़ॉलो करने होंगे।

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ये रही स्कूल्स और कॉलेजेस खुलने से जुड़ी कुछ ज़रूरी बाते जो आपको पता होनी चाहिए।

1. किन राज्यों में स्कूल्स रीओपन हो रहे हैं?

केरल में जनवरी 1 से 10वीं और 12वीं के बच्चों की ऑफलाइन क्लासेस चालू होगायीं है। क्लासेस में कोविड-19 प्रोटोकॉल्स का पालन किया जा रहा है। कर्नाटक ने भी 1 जनवरी से 6वीं-12वीं की क्लासेस चालू करदी हैं। असाम में सभी शिक्षा संस्थान 1 जनवरी से खुल गए हैं। ओडिशा में 10वीं और 12वीं की क्लासेस 8 जनवरी से लगेंगी और राजस्थान में 18 जनवरी से।

2. इसके अलावा, बिहार में सभी स्कूल्स और अन्य शिक्षा संस्थान 4 जनवरी से रीओपन हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और कुछ अन्य राज्य अक्टूबर और दिसंबर से ही चरणबद्ध तरीके से क्लासेस रीओपन कर चुके हैं। हालाँकि, दिल्ली सरकार जनवरी के अंत तक शिक्षा संस्थान रीओपन करने का विचार कर रही है।

3. अटेंडेंस की प्रक्रिया – एजुकेशन और होम मिनिस्ट्री ये साफ़ किया है कि बच्चों की अटेंडेंस कंपलसरी नहीं होगी। बच्चे पेरेंट्स की अनुमति से ही क्लासेस अटेंड करें। अगर कोई बच्चा ऑनलाइन क्लासेस अटेंड करना चाहता/चाहती है तो स्कूल्स और कॉलेजेस की ज़िम्मेदारी है कि उसे ऑनलाइन क्लासेस और मैटेरियल प्रोवाइड करवाये जाएँ।

4. मिनिस्ट्रीज़ ने ये भी कहा है कि अगर किसी स्कूल में ICT फैसिलिटी नहीं है तो ये टीचर्स की ज़िम्मेदारी है कि ऑनलाइन मोड में क्लासेस लेने वाले बच्चों को क्लास से जुड़ी सभी जानकारी समय से मिलती रही। टीचर्स को बच्चों से इंटरव्यू के ज़रिये बात-चीत भी करती रहनी होगी।

5. कितनी क्लासेस लगेंगी?

क्लासेस की कैपेसिटी कुल स्ट्रेंथ की 50% होनी चाहिए। अटेंडेंस एक या दो दिन के गैप में ली जाएगी। स्कूल्स चाहें तो दो शिफ्ट्स में भी क्लासेस लगवा सकते हैं, एक शिफ़्ट का समय कम करके। जिस दिन बच्चे घर पर हों, टीचर्स उन्हें आसान लेसन ख़ुद से पढ़ने को कहेंगे। UGC गाइडलाइन के मुताबिक ज़्यादा क्लासेस लगवाने के लिए स्कूल अपने वर्किंग आर्स बढ़ा सकती है और हफ़्ते में 6 दिन क्लासेस लगवा सकती है।

6. सोशल डिसटैंसिंग से जुड़े नियम

UGC गाइडलाइन के मुताबिक स्कूल में सभी का मास्क लगाना अनिवार्य है। एक क्लास को कई सेक्शन में बाँट दिया जाएगा और क्लासेस रोटेशनल बेसिस पर लगेंगी। कल्चरल ऐक्विटीज़ और मीटिंग्स नहीं होंगी। जिन खेलों और इवेंट्स में सोशल
डिसटैंसिंग का पालन हो सकता है, सिर्फ वही करवाये जा सकते हैं। जो स्टूडेंट्स और टीचर्स कोविड पॉज़िटिव हैं, उन्हें स्कूल नहीं आने दिया जाएगा।

7. कैंपस को सेफ रखने के लिए लगातार कीटाणुशोधन करते रहना होगा। स्टूडेंट्स और स्टाफ़ की टेंपरेचर स्क्रीनिंग रेगुलर बेसिस पर होगी। पीने का पानी, हाथ धोने की व्यास्था और हेल्थकेयर फैसिलिटी हर इंस्टिट्यूशन में मौजूद होने चाहिए।

8. हॉस्टल संबंधी जानकारी

UGC ने हॉस्टल खोलने के खिलाफ़ सलाह दी है। फ़िर भी अगर हॉस्टल खुलते हैं तो निम्न गाइडलाइंस का पालन करना अनिवार्य होगा –
a. कोई भी रूम या बेड शेयर नहीं करेगा। इसका मतलब है कि सभी बच्ची हॉस्टल नहीं लौट सकते।
b. इंस्टिट्यूशन्स को कुछ बच्चों को बुलाने के लिए प्राथमिकता देनी होगी। इसके लिए उन्हें प्लान तैयार करना होगा।
c. जो भी हॉस्टल में रहने आएगा, उसे ख़ुद को 14 दिन quarantine रखना होगा। कोविड पॉज़िटिव बच्चों को हॉस्टल में रहने की अनुमति नहीं मिलेगी।
d. मार्केट जाने को कम मिलेगा। कैंपस को बच्चों के सभी ज़रूरत का सामान रखना होगा।

9. अगर कोई टीचर और स्टूडेंट कैंपस के अंदर कोविड पॉज़िटिव पाया जाता है तो उसे ख़ुद को तुरंत आइसोलेट करना होगा और कैंपस को ऐसी आपातकालीन स्थितियों के लिए ख़ुद को तैयार रखना होगा। जिस एरिया में कोविड-19 केस मिलेगा, वहाँ किसी को भी नहीं जाने दिया जाएगा। ” क्लासेस न अटेंड करना, रूम से बाहर न जाना, मेस से खाना न लाना वगैरह” कुछ नियम हैं जिनका कोविड पॉज़िटिव लोगों को पालन करना होगा।

10. यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स के लिए दिशा-निर्देश

यूनिवर्सिटी में रिसर्च, पोस्ट ग्रेजुएट और यूजी के फाइनल इयर के बच्चों को ही ऑफलाइन क्लासेस अटेंड करनी है। इनके अलवा सभी बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस जारी रहेंगी। टीचर्स और बच्चे ऑनलाइन मीटिंग्स भी कर सकते हैं।

11. एग्जाम सबंधित जानकारी

शिक्षा मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक स्कूल्स को रीओपन होने के 2-3 हफ़्तों तक असेसमेंट अवॉइड करना चाहिए। अगर असेसमेंट होते भी हैं तो पेन पेपर मोड में न होकर पज़ल, क्विज़, और गेम्स के फॉर्म में होंगे।

12. शिक्षा मंत्रालय के दिशा निर्देशों के मुताबिक, पेरेंट्स को अपनी गाड़ी से बच्चों को स्कूल ड्रॉप करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। जो टीचर्स और स्टाफ़ मेंबर्स कंटेनमेंट ज़ोन में रहते हैं, उन्हें स्कूल नहीं आने दिया जाएगा।

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