सुगाथाकुमारी, प्रख्यात मलयालम कवियित्री, कंज़र्वेशनिस्ट और महिला कार्यकर्ता का आज निधन हो गय। वह 86 वर्ष की थीं। सुगाथाकुमारी ने COVID ​​-19 के लिए पॉजिटिव टेस्ट किया था और तिरुवनंतपुरम के सरकारी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। वृद्धावस्था से संबंधित कठिनाइयों के कारण हाल के दिनों में वो बहुत ही कम सोशल अपीयरेंस देती थी । उनके सैकड़ों फोल्लोवेर्स और अड्मायरर्स  द्वारा उन्हें  ”सुगंधा टीचर ” कहा जाता था।  21 दिसंबर को वायरल इन्फेक्शन से पीड़ित होने के बाद, सुगाथकुमार को मेडिकल कॉलेज की इंटेंसिव केयर यूनिट में एडमिट कराया गया था। सुगाथा वेंटीलेटर सपोर्ट पर थी , मेडिकल कॉलेज के अधिकारी ने बताया।

जानिए उनके बारे में कुछ इम्पोर्टेन्ट लाइफ फैक्ट्स

  • सुगथाकुमारी एक बहुत ही मशहूर मलयाली पोएट और कंज़र्वेशनिस्ट थीं।
  • उनका निधन कोरोनावायरस के कारण हुआ। वो 21 दिसंबर से इंटेंसिव केयर यूनिट में वेंटीलेटर पर थी।
  • उन्होंने अपने काम के ज़रिये महिलाओं और प्रकृति पर हो रहे खिलवाड़ के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद की।
  • वो बहुत साहसी और हिम्मत वाली थीं और कभी भी खासतौर पर प्राकृतिक मुद्दों पर बोलने से पीछे नहीं रहती थीं।
  • उन्होंने अरानमुला में एक एयरपोर्ट के बनने के खिलाफ भी आवाज़ उठाई थीं।

उनके सैकड़ों फोल्लोवेर्स और अड्मायरर्स  द्वारा उन्हें  ”सुगंधा टीचर ” कहा जाता था। सुगथाकुमारी एक बहुत ही मशहूर मलयाली पोएट और कंज़र्वेशनिस्ट थीं।

  • सुगाथाकुमारी तीन दशकों से गरीब महिलाओं, रपे सर्वाइवर्स, घरेलू हिंसा पीड़ितों और नशीली दवाओं के नशों के खिलाफ एक आर्गेनाइजेशन, अभय चला रही थी।
  • उनका जन्म 22 जनवरी, 1934 को स्वतंत्रता सेनानी और कवि, बोधेश्वरन और पत्नी कार्तिययिनी अम्मा की दूसरी बेटी के रूप में हुआ था।
  • देश ने उन्हें 2006 में पद्मश्री से सम्मानित किया था, जबकि उच्च साहित्यिक सम्मान सरस्वती सम्मान 2013 में उनके पोएटिक कलेक्शन मानलेहुथ के लिए उन्हें मिला था।
  • उन्होंने राज्य के लगभग सभी प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार भी जीते हैं, जिनमें  Kerala Sahitya Akademi Award, Odakkuzhul Award, Ezhuthachan Award आदि शामिल हैं।

Pic Credits-Manorama News

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