कामनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट शेखोम मीराबाई चानू की केवल एक इच्छा है – वह सिर्फ ओलंपिक मैडल जीतना चाहती हैं। पिछले चार वर्षों से मीराबाई टोक्यो ओलंपिक की तैयारी कर रही हैं, जो अब समर 2021 में होने वाली है. इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के प्रेजिडेंट सहदेव यादव ने कन्फर्म किया है कि चानू ने अपनी वर्तमान वर्ल्ड रैंकिंग की वजह से अब टोक्यो 2021 ओलंपिक खेलों के लिए बर्थ को सील कर लिया है।

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हर वेट क्लास के सिर्फ आठ टॉप वेटलिफ्टर्स ही टोक्यो ओलंपिक के लिए कवालीफाई करते हैं। मीराबाई वर्तमान में इंटरनेशनल  वेटलिफ्टिंग फेडरेशन की रैंकिंग लिस्ट में 8 वें स्थान पर है। चानू को बहुत दुःख हुआ था जब उन्होंने सुना कि 24 जुलाई से 9 अगस्त 2020 तक होने वाला ओलंपिक कोरोनावायरस कि वजह से एक साल के लिए टल गया है ।

इम्पोर्टेन्ट बातें:

  • मीराबाई चानू ने अपनी वर्तमान वर्ल्ड रैंकिंग कि वजह से टोक्यो ओलंपिक के लिए एक बर्थ को सील कर लिया है।
  • इंटरनेशनल वेटलिफ्टिंग फेडरेशन की रैंकिंग लिस्ट के टॉप -8 एथलीट टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने के लिए एलिजिबल हैं।
  • मीराबाई चानू IWF सूची में 8 वें स्थान पर रहीं। वह पिछले चार साल से खेलों की तैयारी कर रही है।

कैसे ये लॉकडाउन एथलीट्स कि ट्रेनिंग प्रोग्राम को एफेक्ट नहीं कर रहा, ये बताते हुए प्रेजिडेंट यादव ने कहा, “वे सेफ और सिक्योर हैं, सिर्फ एक रूम में एक ही एथलीट रहता है। वे कोचेस और इंडियन स्पोर्ट्स अथॉरिटी के बताये हुए तरीकों से ही ट्रेनिंग कर रहे हैं। ” इंडियन वेटलिफ्टिंग कैंप NIS पटियाला में है।

इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के प्रेजिडेंट सहदेव यादव ने कन्फर्म किया है कि चानू ने अपनी वर्तमान वर्ल्ड रैंकिंग की वजह से अब टोक्यो 2021 ओलंपिक खेलों के लिए बर्थ को सील कर लिया है।

इस साल की शुरुआत में, चानू ने नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में अपना ही नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा, 203 किलो उठाकर 49 किलो स्वर्ण पदक जीता। पिछली बार की तुलना से उन्होंने 2 किलो ज़्यादा वजन उठाया।

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