पिछले साल जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में फीस वृद्धि विरोध में सबसे आगे रहने वाली छात्र नेता के रूप में उभरी आइशी घोष (Aishe Ghosh) अब पश्चिम बंगाल में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

आइशी ने बंगाल से चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के टिकट पर जमुरिया निर्वाचन क्षेत्र के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करते हुए, घोष ने आज ट्विटर पर लिखा, “सयुक्त मोर्चा द्वारा समर्थित CPI(M) के उम्मीदवार के रूप में जमुरिया विधान सभा सीट से चुनाव लड़ने जा रही हूँ।”

आइशी घोष कौन है? जानिए , JNU छात्रसंघ अध्यक्ष के बारे में ये 10 बातें

  • आइशी घोष स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की नेता हैं। वह बर्दवान ज़िले के दुर्गापुर शहर की रहने वाली हैं।
  • ऐसा पहली बार है जब सीपीएम सत्तारूढ़ टीएमसी के ख़िलाफ़ कई दिग्गज नेताओं के साथ बहुत सारे युवा नेताओं को भी टिकट दे रही है।
  • घोष वर्तमान में JNU छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में कार्य करता है, वह 2019 में इस पद के लिए चुनी गई थी।
  • एसएफआई कार्यकर्ता आइशी जेएनयू में एमफिल/पीएचडी की छात्रा हैं।
  • महज़ 26 साल की आइशी, राज्य के चुनाव में सबसे कम उम्र की उम्मीदवार सीपीआई (एम) के साथ मैदान में हैं।
  • मूलरूप से धनबाद निवासी आइशी ने अपनी ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई दिल्ली विश्वविद्यालय और स्कूली शिक्षा दुर्गापुर से की है।
  • आइशी JNU फीस वृद्धि विरोध में हिंसा मामले से सुर्खियों में आयी ,मामला दो गुटों के बीच हिंसा का था ,जिसमे घोष भी घायल हुई थी।
  • इसके बाद, घोष ने जेएनयू के छात्रों को अपनी पट्टी लगे हुए सिर के साथ ,चोट की हालत में संबोधित किया, जिसमें अभिनेता दीपिका पादुकोण उनके साथ एकजुटता से खड़ी थीं।
  • उस समय घोष के समर्थन में दीपिका पादुकोण के हाथ जोड़ते तस्वीर खूब वायरल हुई थी।

  • जेएनयू में तोड़फोड़ और हिंसा के मामले में उन पर कई मामले लंबित हैं।
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