गीता सिंह गौर कौन हैं? क्यों दिया अमिताभ बच्चन ने इन्हें खड़े होकर सम्मान

गीता सिंह गौर कौन हैं? क्यों दिया अमिताभ बच्चन ने इन्हें खड़े होकर सम्मान गीता सिंह गौर कौन हैं? क्यों दिया अमिताभ बच्चन ने इन्हें खड़े होकर सम्मान

SheThePeople Team

08 Nov 2021

गीता सिंह गौर कौन हैं? अभी कौन बनेगा करोड़पति का सीजन 13 चल रहा है और इस में अभी तक 2 करोड़पति बन चुके थे और अब तीसरी की भी घोषणा कर दी गयी है। इनका नाम है गीता सिंह गौर और यह एक ग्रहणी हैं। यह 1 करोड़ रूपए जीत चुकी हैं और अब अपने अगले सवाल के लिए जो कि 7 करोड़ का होगा खेलेंगी।

गीता सिंह गौर कौन हैं?


गीता सिंह गौर एक हाउसवाइफ हैं और कौन बनेगा करोड़पति 13 की तीसरी करोड़पति हैं। यह 53 साल की हैं। इनका कहना है कि यह शादी कर चुकी हैं और अपने बच्चे भी पाल चुकी हैं और अब इनकी लाइफ की दूसरी पारी एक लिए तैयार हैं और यह सिर्फ इनके लिए ही होगी। ऐसा कौन बनेगा करोड़पति के प्रोमो में भी दिखाया गया है जहाँ यह अपनी लाइफ के और बच्चों के बारे में बता रही होती हैं और कहती हैं कि यह अपने आगे की लाइफ अपने खुद के लिए जीना चाहती हैं।

सोनी टीवी ने इस एपिसोड का प्रोमो रिलीज़ किया है जिस में यह जीत चलाती हुई नज़र आती हैं और अपना इंट्रोडक्शन देती हैं और इसके बाद आखिर में अमिताभ बच्चन पर यह प्रोमो ख़तम होता है जहाँ यह इनके 1 करोड़ रूपए जीतने की घोषणा करते हैं।

यह एपिसोड सभी हाउसवाइफ के लिए एक मिसाल है और उन्हें इंस्पायर करता है कि लाइफ कभी खत्म नहीं होती है बस हमारे अंदर की इक्छा ख़त्म हो जाती है। अगर आप चाहें तो आप आपकी लाइफ में कभी भी कुछ भी बड़ा और अच्छा काम कर सकते हैं जो आप हमेशा से करना चाहते हों।

Kaun Banega Crorepati Winners


इससे पहले के कौन बनेगा करोड़पति 13 के दो विनर के नाम हैं हिमानी बुंदेला और साहिल अहिरवार। हिमानी बुंदेला की कहानी इस में बहुत ही अलग है क्योंकि यह पहली ऐसी कंटेस्टेंट थीं जो कि दृष्टिबाधित थीं और फिर भी यह शो जीतीं। हिमानी भी इसके लिए 10 साल से ज्यादा समय से तैयारी कर रही थीं। हिमानी जब महज़ 15 साल की थीं जब इन्होंने एक सड़क हादसे में अपनी आखें खो दी थीं इसके बाद इन्होंने हार नहीं मानी और इसे अपनी कमज़ोरी नहीं बनने दी।

इनका यह भी कहना है कि इनके पिता का बिज़नेस लॉकडाउन में पूरी तरीके से डूब गया था और अब वह उसे भी फिर से ठीक करना चाहती हैं ताकि इनके घर में आय का एक ज़रिया फिक्स हो सके। यह एक यूनिवर्सिटी खोलना चाहती हैं जो डिफरेंटली एबिल्ड लोगों के लिए होगी और इनको पढ़ाने में मदद करेगी।

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