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क्या महिलाएं अकेले खुद को संभालने में सक्षम नहीं?

महिलाओं को शुरुआत से ही समाज में कई जगहों पर कमतर साबित करने की पूरी कोशिश की जाती रही है। लोगों को उनकी क्षमताओं पर सवाल उठाने के लिए कुछ भी सोचना नहीं पड़ता है। आइये जानते हैं विस्तार से इस ब्लॉग में-

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Priya Singh
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Women

(Image Credit - Freepik)

Are Women Not Capable Of Handling Themselves Alone: महिलाओं को शुरुआत से ही समाज में कई जगहों पर कमतर साबित करने की पूरी कोशिश की जाती रही है। लोगों को उनकी क्षमताओं पर सवाल उठाने के लिए कुछ भी सोचना नहीं पड़ता है। लेकिन यह समझना बहुत ही आवश्यक है कि व्यक्तिगत क्षमताएं व्यापक रूप से भिन्न होती हैं और यह पहचानना आवश्यक है कि पुरुष और महिला दोनों विभिन्न परिस्थितियों में अकेले खुद को संभालने में सक्षम हैं। योग्यता और स्वतंत्रता लिंग से नहीं बल्कि व्यक्तिगत कौशल, अनुभव और व्यक्तिगत विकास से निर्धारित होती है। 

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क्या सच में महिलाएं अकेले खुद को संभालने में सक्षम नहीं?

पुरुषों की तरह महिलाओं में भी विविध प्रकार की क्षमताएं और शक्तियां होती हैं। कुछ महिलाएँ शारीरिक शक्ति में उत्कृष्ट हो सकती हैं, जबकि अन्य बौद्धिक गतिविधियों, नेतृत्व या अन्य कौशल में उत्कृष्ट हो सकती हैं। इसी तरह, कुछ पुरुषों को कुछ क्षेत्रों में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। प्रत्येक व्यक्ति के साथ एक व्यक्ति के रूप में व्यवहार करना और लिंग के आधार पर उनकी क्षमताओं के बारे में धारणाएँ नहीं बनाना महत्वपूर्ण है।

लोग अक्सर महिलाओं के लिए इन शब्दों का इस्तेमाल करते हैं कि वे स्वयं कुछ नहीं सम्भाल सकती हैं। उन्हें जीवन को सम्भालना हो या कोई अन्य काम करना हो या कहीं यात्रा ही क्यों न करनी हो उन्हें यह सलाह दी जाती है कि वे अपने साथ किसी पुरुष को लेकर जाएँ चाहे वह उनका जीवन साथी हो या फिर परिवार का कोई पुरुष सदस्य। लेकिन क्या यह ठीक है क्या है महिलाओं की क्षमता पर एक सवाल नहीं है कि वे स्वयं को नहीं सम्भाल सकती हैं। जबकि वहीं महिलाएं एक परिवार बना सकती हैं, बच्चों को जन्म दे सकती हैं परिवार का पालन-पोषण कर सकती हैं सबकी देखभाल कर सकती हैं फिर क्यों वे खुद को सम्भाल नहीं सकती हैं।

यदि इस तरह देखा जाए तो पुरुष भी स्वयं खुद को सम्भालने में सक्षम नहीं हैंक्योंकि उन्हें घर परिवार को सम्भालने की समझ कम होती है जिसके लिए उन्हें एक पार्टनर की जरूरत होती है पुरुष को भी खुद के पालन-पोषण के लिए एक माँ की जरूरत होती है, ऐसे में समाज उनकी क्षमता पर सवाल नहीं उठाता है लेकिन महिलाओं को सहारा चाहिए ऐसी एक मानसिकता समाज में व्याप्त हैजो पूर्ण से रूप से यह साबित करने पर निर्भर है कि महिलाएं कमजोर होती है वह खुद को नहीं सम्भाल सकती हैं

सामाजिक और सांस्कृतिक कारक लिंग भूमिकाओं की धारणाओं को प्रभावित कर सकते हैं और ये दृष्टिकोण प्रभावित कर सकते हैं कि व्यक्तियों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है या उनसे व्यवहार करने की अपेक्षा की जाती है। अधिक समावेशी और न्यायपूर्ण समाज बनाने के लिए समानता, सम्मान को बढ़ावा देना और लिंग की परवाह किए बिना व्यक्तिगत क्षमताओं को पहचानना महत्वपूर्ण है।

#Women Handling Themselves Capable
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