Sexual Desires: अपनी जरूरतों के बारे बात करना आपको डर्टी नहीं बनाता है

सेक्सुअल डिजायर के बारे बात करना आपको डर्टी नहीं बनाता है। हर महिला को यह पता होना चाहिए कि एक समाज उनके द्वारा ही बनता है, वह समाज का एक हिस्सा है इसलिए आज समाज है। जाने पूरी जानकारी इस ओपिनियन महिला प्रेरक ब्लॉग में-

Vaishali Garg
05 Jan 2023 | अद्यतनित 16 Jan 2023
Sexual Desires: अपनी जरूरतों के बारे बात करना आपको डर्टी नहीं बनाता है

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Sexual Desires: क्या आप अपनी सेक्सुअल डिजायर्स के बारे में खुलकर बात करती हैं? आप में से बहुत से लोगों को यह डर सता रहा होगा ना कि यदि हम अपनी सेक्सुअल डिजायर्स के बारे में खुलकर बात करेंगे तो समाज हमको गंदा कहेगी? लेकिन क्या अपनी सेक्सुअल डिजायर्स को नजरअंदाज करना सही है? नहीं ना? खैर इसमें गलती आपकी नहीं है गलती हमारे समाज की है। जो आज भी इस विषय में बात करने से कतराते है, खासकर जब महिलाएं सेक्स के बारे में बात करती हैं तो उनको अजीबोगरीब टेक दे दिए जाते हैं।

आखिर क्यों नहीं कर पाती महिलाएं अपनी सेक्सुअल डिजायर के बारे में खुलकर बात?

शर्मिंदगी और बेचैनी

Sex और Menstruation ऐसे कुछ विषय है जिसमें समाज हमेशा खुलकर बात करने से कतराता था। यदि कोई खुलकर बात करना चाहता था इन विषय पर तो उनको दबा दिया जाता था। लेकिन आज एक ऐसा समय आया जब लोग खुलकर Periods जैसे विषयों पर बात करते हैं और जागरूकता फैलाते हैं। इसलिए हमें जरूरत है कि हम सेक्सुअल डिजायर के बारे में खुलकर बात करें। बहुत सी महिलाएं शर्मिंदगी के कारण sexual needs के बारे में नहीं कर पाती हैं, उन्हें लगता है कि यदि वह ऐसी बात करेंगे तो दूसरी महिला ही उन्हें जज करेगी, और यही करने की बहुत सी महिलाएं रोमांटिक सेक्स जैसे चीजों से वंचित रह जाती हैं।

सेक्युअल डिजायर को महत्व के विषय के रूप में नहीं देखा गया

यह एक सामान्य अवधारणा के कारण भी हो सकता है कि यह ऐसा विषय नहीं है जिसके बारे में लोग अक्सर पढ़ते या लिखते हैं या न ही हम यौन जरूरतों पर चर्चा करते हुए सुनते हैं और इसलिए इसे अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। हमें समाज को यहां दोषी ठहराया जाना चाहिए क्योंकि हम सामूहिक रूप से एक ऐसे समुदाय का हिस्सा हैं जो सेक्सुअल नीड्स को वास्तविक जरूरतों के रूप में नजरअंदाज करता है जब महिलाओं की बात आती है।

समाज के द्वारा गलत समझे जाने का डर

हम अक्सर अपनी क्षमताओं और सम्मान को दूसरे लोगों की हमारे बारे में राय पर आधारित करते हैं। इसलिए सेक्सुअल नीड्स के बारे में चर्चा करते हुए भी, हमेशा यह संदेह होता है कि दूसरा व्यक्ति हमें जज कर रहा है या नहीं। यह निर्णय Ignorance और Stereotypes के कारण हो सकता है लेकिन यह हमारे कॉन्फिडेंस को कम करता है और हमें अपनी एक्सेप्टेबिलिटी के बारे में सोचने पर मजबूर करता है।

सेक्सुअल कम्युनिकेशन में कमी

आपको बता दें की यौन संचार सेक्सुअल संबंधों और सेक्सुअल संतुष्टि के सीधे प्रपोर्शनल है। महिलाओं को अपनी यौन आवाज़ को चैनल करने में कठिनाई होती है या उनका मानना ​​है कि वह अपने भागीदारों के लिए अपनी यौन ज़रूरतों को व्यक्त कर सकती हैं। ऐसा न करने पर हम खुद को खारिज कर देते हैं और अपने सेक्सुअल रिलेशन को सुधारने का मौका भी गंवा देते हैं। सेक्सुअल कम्युनिकेशन बढ़ाकर हम अपने पार्टनर के साथ एक स्मूथ कम्युनिकेशन सुनिश्चित करते हैं। एक बेहतर सेक्सुअल संबंध का अर्थ अंततः अपने साथी पर भरोसा और सेक्सुअल हैल्थ का विकास करना है।

हर महिला को यह पता होना चाहिए कि एक समाज उनके द्वारा ही बनता है, वह समाज का एक हिस्सा है इसलिए आज समाज है। 

बिना किसी डर के और बिना किसी झिझक के अपनी जरूरतों को समाज के सामने रखना हर एक नागरिक का कर्तव्य होता है। आज आप अपनी जरूरतों के बारे में खुलकर बात करेंगे तभी कल दूसरा आपसे इंस्पायरर होकर अपनी जरूरतों के बारे में खुलकर बात करेगा।

साल 2023 में यह संकल्प करें कि आप अपनी सेक्सुअल हेल्थ और सेक्सुअल डिजायर्स के बारे में खुलकर बात करेंगी, किसी से डरेगी नहीं और कभी खबराएंगी नहीं।

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