Marrying Dysfunctional Men:“शादी करा दो उसकी, सुधर जाएगा” सलाह का हानि

Marrying Dysfunctional Men:“शादी करा दो उसकी, सुधर जाएगा” सलाह का हानि Marrying Dysfunctional Men:“शादी करा दो उसकी, सुधर जाएगा” सलाह का हानि

Monika Pundir

06 Aug 2022

हम अक्सर सुनते हैं की जब कोई माता पिता अपने जवान बेटे के बुरी आदतों के बारे में बात करते हैं, सुनने वाले एक अजीब ही सलाह देते हैं। वे कहते हैं “शादी करा दो उसकी, सुधर जाएगा”। इसके पीछे की क्या लॉजिक है? लोग अपने डिसफंक्शनल बेटों का बोझ एक अनजान, जवान औरत पर डालने क्यों कहते हैं?

“शादी करा दो उसकी, सुधर जाएगा” सलाह का औरतों के लिए हानि

चाहे बेटा सिगरेट पीता हो, शराब का लत हो, जुआ खेलता हो, या किसी और बुरी आदत के शिकार है, अक्सर माता पिता के पास केवल एक सलूशन होता है- उसकी शादी। लोग अपने बुरे आदत वाले बेटे का बोझ एक जवान लड़की पर दाल देते हैं, इस उम्मीद में की वह पत्नी के साथ साथ उसकी माँ भी बनेगी, उसे सुधरेगी, और साथ ही शादी के एक-दो साल के अंदर अपने बच्चे को भी जन्म देगी और उसका भी अछि तरह देखभल करेगी। यह कैसे मुमकिन है? वे बहु के नाम पर जादूगरनी की मांग कर रहे हैं।

पत्नी की जीवन बर्बाद हो सकती है 

जब आप अपने डिस्फ़न्क्शनल बेटे को उसके पत्नी के हवाले कर देते हैं, आप उस लड़की के जीवन को बर्बाद कर रहे हैं। जब एक लड़की शादी करती है, वह एक हसीन जीवन के उम्मीद में अपने घर से बहार कदम रखती है। वह अपने नए परिवार में ख़ुशी और अपने पति से प्यार की उम्मीद रखती है। इसी उम्मीद और भरोसे के साथ उसके माता पिता भी अपनी प्यारी बेटी की शादी करते हैं। अगर उसे शादी के कुछ दिन बाद अपने पति के बुरी आदतों का पता चले उसकी दिल टूट जाएगी।

टॉक्सिक रिलेशनशिप 

ऐसा भी हो सकता है की आपका बेटा अपनी पत्नी के साथ अब्यूसिव हो जाये। यह सोचिये की अगर एक व्यक्ति अपने माता पिता के हाथों नहीं सुधर सकता, अपनी पत्नी के हाथ क्या सुधरेगा? जो लोग शराब या ड्रग्स के लत में होते हैं, उनके लिए अब्यूसिव होने या घरेलू हिंसा करना आम बात है। 

नशे में खुद को कंट्रोल करना मुश्किल होता है। इसलिए अगर आप अपने नशीले बेटे को बिना सही उपचार के किसी से शादी करवा रहे हो, आप उस लड़की के जीवन के बर्बादी के लिए ज़िम्मेदार बनते हो। मैं यह नहीं कह रही की शराब पीने का अर्थ है की कोई ख़राब है। नहीं। पर कभी कभी शराब पीना, और अल्कोहोलिक होना दो अलग बात हैं। 

अगर रिश्ता अब्यूसिव या टॉक्सिक हो जाए, तो आज भी कलंक लड़की पर लगती है। कई परिवारों में डिवॉर्सड बेटी को वापस अपने घर आने नहीं दिया जाता है। कई लोग आज भी डिवॉर्सड औरत के बारे में अपमानजनक बातें करते हैं। समाज पूरी कहानी तो जान नहीं सकता, इसलिए लड़की ही ख़राब होगी, ऐसा मान लिया जाता है।

किसी जवान लड़की की ज़िन्दगी बर्बाद न करें, और अपने डिस्फ़न्क्शनल बेटे को ज़बरदस्ती किसी और के गले न बांधे।

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