Why Can't Men Improve Sexually? महिलाएं क्यों नहीं पूछ पाती ये सवाल?

Why Can't Men Improve Sexually? महिलाएं क्यों नहीं पूछ पाती ये सवाल? Why Can't Men Improve Sexually? महिलाएं क्यों नहीं पूछ पाती ये सवाल?

Sanjana

15 Jun 2022

अगर महिलाओं से यह सवाल पूछा जाए कि क्या वे अपने मेल पार्टनर से सेक्शुअल सुधार के बारे में बात करने में सुविधाजनक महसूस करती हैं तो ज्यादातर का जवाब हां होगा। चलिए अब आप यह सवाल खुद से पूछें। क्या आपका जवाब भी हां ही है? 

ज्यादातर पुरुष अपनी सेक्शुअल परफॉर्मेंस पर सवाल उठाए जाने पर सुविधाजनक महसूस करते हैं। वे अनबने हो जाते हैं और खुद को कमतर समझने लगते हैं। वे अपनी सेक्शुअल परफॉर्मेंस के बारे में सवाल क्यों बर्दाश्त नहीं कर पाते? और महिलाएं क्यों अपने मेल पार्टनर से सेक्शुअल परफॉर्मेंस सुधारने के लिए नहीं पूछ सकती?

मेल सेक्शुअल परफॉर्मेंस: मुद्दा ज़रा नाज़ुक है 

मर्दों की सेक्शुअल परफॉर्मेंस उनकी मर्दानगी को साबित करने का एक तरीका है।  हमारे पुरुष प्रधान समाज में मर्दों की एक परिभाषा है। वे बहुत ही ताकतवर होते हैं, इंडिपेंडेंट होते हैं और कभी रोते नहीं। इसी तरह सच्चे मर्द सेक्शुअली भी बहुत अच्छे ही होते हैं। वे कम उम्र में ही अनेकों लड़कियों के साथ सेक्स करना, मास्टरबेट करना और पॉर्न देखना शुरू कर देते हैं 

यह अवधारणा इस तरह से जड़ पकड़ चुकी है कि यह सोचना मुमकिन ही नहीं कि कोई पुरुष सेक्स से अनजान भी हो सकता है। पुरुषों पर सेक्शुअली अच्छा परफॉर्म करने का प्रेशर होता है। वे इसके बारे में ना ही किसी से बात कर सकते हैं और ना ही किसी से कुछ सीख सकते हैं। 

महिला का सेक्स के लिए पूछना क्यों है गलत?

परेशानी तो तब बढ़ जाती हैं जब उनकी पार्टनर फीमेल हो। महिलाओं को शुरू से ही सेक्स के बारे में बात भी नहीं करने दी जाती है। उनका शादी से पहले सेक्स करना या मास्टर्बेट करना मना है। उन्हें इसके बारे में कोई कुछ नहीं बताता या सिखाता है। ऐसे में एक महिला से अपनी सेक्शुअल परफॉर्मेंस पर सवाल उठाए जाना या उससे सेक्स के लिए टिप्स लेना पुरुषों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचा देता है। वह इससे बहुत शर्म महसूस करते हैं।

महिलाओं की सेक्शुअल जरूरतों को कभी भी महत्व नहीं दिया जाता । यह है आज भी एक tabu है कि महिलाएं पुरुषों से सेक्शुअली कुछ भी उम्मीदें नहीं रख सकती। लोगों के लिए सेक्स का मतलब केवल पुरुषों की संतुष्टि होता है। पुरुषों की इसी पिछड़ी सोच की वजह से पार्टनर आपस में अपनी जरूरतों को बता नहीं पाते। 

लेकिन मर्दानगी का मतलब यह नहीं होता कि आप कितने लंबे समय तक बिस्तर में थे या आप कितनी लड़कियों के साथ सोए हैं। इसका मतलब तो यह होता है कि आप अपने पार्टनर को कितने अच्छे से समझ पाए और उसकी जरूरतों को कितनी हद तक पूरा कर पाए हैं।

इसलिए आप अपने पार्टनर से सेक्शुअल इंप्रूवमेंट के बारे में सवाल करने में ना घबराए। यह आपका अधिकार है। ऐसा करने से आप दोनों की सेक्शुअल जरूरतें सही तरीके से पूरी हो पाएंगी और आपका रिश्ता भी मजबूत रहेगा।

अनुशंसित लेख